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भारत के उत्कृष्ट आभूषणों की अमेरिका में प्रदर्शनी

Market Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
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भारत की 65 आभूषण निर्यातक कम्पनियां यहां एक प्रदर्शनी में अपने आभूषणों का प्रदर्शन कर रहे हैं। रत्न और आभूषणों के संवर्धन के लिए देश की सर्वोच्च निकाय जेम्स एंड जेवेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी जेसीके 2012 प्रदर्शनी में एक भारतीय मंडप लगाया है और वह ब्रांड इंडिया नाम से देश के सर्वोत्तम आभूषण प्रस्तुत कर रहा है।
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अमेरिका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव ने शुक्रवार को प्रदर्शनी के उद्घाटन के मौके पर कहा कि सोने और हीरे के आभूषण भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। राव ने कहा कि भारत कट और पॉलिश्ड डायमंड के विनिर्माण का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है और इस किस्म के हीरों की वैश्विक आपूर्ति में 85 फीसदी योगदान करता है। भारत पॉलिश्ड हीरों का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है।

भारत का रत्नाभूषण उद्योग अभी 36 अरब डॉलर का है और इसमें सलाना 13 फीसदी चक्रवृद्धि दर से विकास हो रहा है। भारत और अमेरिका के बीच हीरो के आपसी व्यापार का उल्लेख करते हुए राव ने कहा कि वर्ष 2011 में भारत ने अमेरिका को आठ अरब डॉलर मूल्य के हीरों या हीरों के आभूषणों का निर्यात किया। जबकि इसी अवधि में अमेरिका ने भारत को 4.6 अरब डॉलर मूल्य के हीरों का निर्यात किया। राव ने उम्मीद जताई कि जेसीके लास वेगास 2012 प्रदर्शनी से सोने और हीरों के आभूषणों के भारतीय आपूर्ति कर्ताओं और अमेरिका तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय खरीददारों के बीच कारोबार के एक नए रास्ते का विकास होगा।

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