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शक्कर पर कर लगाने से पवार नाराज

Market Updated Sat, 02 Jun 2012 12:00 PM IST
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चालू वित्त वर्ष के बजट में गुड़ पाउडर (शक्कर) पर कर लगाए जाने से नाराज कृषि मंत्री शरद पवार ने वित्तमंत्री को पत्र लिखकर इसे तत्काल हटाने का अनुरोध किया है। वित्तमंत्री ने बजट में शक्कर के व्यावसायिक उपयोग को देखते हुए पर 12 फीसदी सेनवेट लगा दिया है। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी को लिखे पत्र में कृषि मंत्री शरद पवार ने बताया कि गुड़ पाउडर का भले ही व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। लेकिन, जिस क्षेत्र में इसका उपयोग हो रहा है। वह भी आम आदमी से जुड़ा हुआ है।
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आयुर्वेदिक दवा निर्माता छोटे स्तर पर भी दवा बनाने में गुड़ पाउडर का उपयोग करते हैं। इसकी ज्यादा खपत ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही है। गरीब परिवारों में चीनी का उपयोग न के बराबर ही होता है। चीनी की जगह यह लोग गुड़ पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। दरअसल, गुड़ पाउडर सही मायने में गरीबों की मिठाई है। लिहाजा इस पर कर लगाने का सीधा असर गरीब परिवारों पर पड़ना तय है।


'गुड पाउडर से सेनवेट हटाना मुश्किल'
पवार के मुताबिक, गुड़ पाउडर पर 12 फीसदी सेनवेट समझ से परे है। वह भी ऐसे समय जब चीनी पर कोई कर नहीं है। मौजूदा समय कच्ची चीनी पर कर नहीं है। रिफाइंड चीनी पर 3 फीसदी कर है। हालांकि शुगर क्यूब पर 12 फीसदी कर है, लेकिन इसका उपयोग आम आदमी नहीं करते है। लेकिन, गुड़ पाउडर पर 12 फीसदी सेनवेट से गरीबों के लिए इसका उपयोग महंगा हो जाएगा।

इस कारण इसे पूरी तरह से हटाया जाना चाहिए। हालांकि वित्त मंत्रालय ने अभी पवार के पत्र का जवाब नहीं दिया है। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि गुड़ पाउडर पर सेनवेट पूरी तरह हटाना संभव नहीं है। लेकिन, पवार की नाराजगी को देखते हुए इसमें कमी जरूर की जा सकती है।

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