विज्ञापन

11 सीमेंट कंपनियों पर 60 अरब जुर्माना ठोंका

Corporate Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
fines-of-60-billion-Imposed-on-11-cement-companies
ख़बर सुनें
कारोबार में अवैध हथकंडों पर निगरानी रखने वाले भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने देश की 11 प्रमुख सीमेंट कंपनियों पर गुट बनाकर दामों में अंधाधुंध बढ़ोतरी करने के अभियोग में 60 अरब रुपये का जुर्माना ठोंका है। अल्ट्रा ट्रैक, अंबूजा सीमेंट, एसीसी, इंडिया सीमेंट्स, बिनानी सीमेंट और जेपी सीमेंट जैसी नामीगिरामी कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने 2007-08 के दौरान गुट बनाकर सीमेंट की कीमतें मनमाने ढंग से बढ़ाईं।
विज्ञापन


आयोग के सूत्रों के अनुसार, इन 11 कंपनियों पर उनकी तीन वर्ष की औसत आय के आठ प्रतिशत के बराबर यह जुर्माना लगाया गया है। इन कंपनियों का कुल वार्षिक कारोबार लगभग 37,500 करोड़ रुपये है। जिन कंपनियों में जुर्माना लगाया गया है, उनमें मद्रास सीमेंट, लाफार्ज और जेके सीमेंट भी शामिल हैं। आयोग के आदेश पर सीमेंट कंपनियों ने फिलहाल टिप्पणी करने से यह कहकर इंकार कर दिया कि उन्होंने आयोग का निर्णय नहीं देखा है।
इस मामले की जांच पहले गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने की थी। बाद में सीसीआई ने जांच का काम अपने हाथ में ले लिया। गुट बनाने वाली कंपनियों को वित्तवर्ष 2010 और 2011 के दौरान कर अदायगी के बाद मुनाफे का आधा प्रतिशत का भुगतान करना होगा। इसके लिए आयोग ने कंपनियों को 90 दिन का समय दिया है।

प्रतिस्पर्धा कानून 2002 के तहत बनाया गया यह आयोग अवैध हथकंडे अपनाने वाली कंपनियों पर उनके तीन वर्ष के औसतन कारोबार अधिकतम दस प्रतिशत तक जुर्माना लगा सकता है। आयोग ने सीमेंट मूल्यों में अंधाधुंध वृद्धि होने पर 39 कंपनियों के खिलाफ जांच आरंभ की थी। जांच में पाया गया कि 2007-08 में कुछ कंपनियों ने गुट बनाकर उत्पादन कम कर दिया। ताकि, सीमेंट के दाम कृत्रिम रूप से बढ़ जाए।

भवन निर्माण कंपनियों ने आयोग से शिकायत की थी कि सीमेंट उत्पादक एसोसिएशन की सदस्य 11 कंपनियों ने अपने खुदरा दाम मिलजुल कर तय किए हैं। इन कंपनियों ने सीमेंट के दाम जानबूझकर करीब-करीब एक जैसे रखे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us