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निवेश के लिए रिलायंस ने खोला खजाना

Corporate Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
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रिलायंस इंडस्ट्रीज ऊर्जा, खुदरा कारोबार और दूरसंचार व्यवसाय में अगले पांच साल के दौरान एक लाख करोड़ रुपये निवेश करेगी। कंपनी ने इस दौरान अपना संचालन मुनाफा दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के इस इरादे का खुलासा रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के मुखिया मुकेश अंबानी ने कंपनी के शेयरधारकों की सालाना आम बैठक में किया।
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अंबानी ने बताया कि कंपनी रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स उद्योग में 12 अरब डॉलर का निवेश कर रही है। इसके अलावा कंपनी ने अपने कमजोर पड़ते केजी-डी6 ब्लॉक से प्राकृतिक गैस उत्पादन को बढ़ाकर दोगुना करने की योजना भी तैयार की है। इसके अमल में आने से क्षेत्र से गैस उत्पादन छह करोड़ घनमीटर प्रतिदिन हो जाएगा।


खुदरा कारोबार से होने वाली कमाई में अगले तीन से चार साल में छह गुनी वृद्धि का लक्ष्य है, जबकि अमेरिका में शेल गैस कारोबार में कंपनी को दस गुनी तक वृद्धि की उम्मीद है। आरआईएल राष्ट्रीय डिजिटल प्रसारण प्लेटफार्म में बढ़त हासिल करने की दिशा में भी काम करेगी। ‘रिलायंस डिजिटल’ ब्रांड के तहत संचालित डिजिटल प्रसारण को 4जी तकनीक पर अपग्रेड करने के लिए वाणिज्यिक योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

कारोबार बढ़ाने के लिए साझेदारी का सहारा
रिलायंस इंडस्ट्री अब अपना कारोबार बढ़ाने के लिए साझेदारी के फार्मूले का बढ़-चढ़ कर सहारा लेगी। कंपनी के इस इरादे का खुलासा रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के मुखिया मुकेश अंबानी ने कंपनी के शेयरधारकों की सालाना आम बैठक में किया। अंबानी ने कहा कि रिलायंस समूह आपने तमाम प्रकार के कारोबारों में दुनिया की प्रमुख कंपनियों के साथ भागीदारी करना चाहेगा। कंपनी अपने पास आ रहे पैसे का नई परियोजनाओं और नए कारोबार में अपेक्षाकृत अधिक तेजी से निवेश करेगी।

पेट्रोलियम और खुदरा व्यवसाय में समझौतों का जिक्र करते हुए अंबानी ने कहा कि हम अपने सभी कामों में विश्व की अग्रणी कंपनियों को जोड़ रहे हैं। हमने बीपी के साथ भागीदारी की है। इसके अलावा हमारे साथ रिटेल क्षेत्र के प्रमुख ग्लोबल नाम जुड़े हैं। यह भागीदारियां हमारी भविष्य की विस्तार योजनाओं के लिए विशेष महत्व रखती हैं।

उन्होंने देश विदेश में मौजूदा आर्थिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में पूरी दुनिया में कारोबार में जितने झटके लगे हैं, उतना पहले कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि बावजूद इसके रिलायंस समूह सम्पति की दृष्टि से और मजबूत हुआ है और अपने मुख्य कारोबार में इसकी क्षमता बढ़ी है। रिलायंस के खुदरा कारोबार भारत के नगर और गांवों में रोजगार के अनेक नए अवसर सृजित होंगे।

निवेशकों के हजार रुपये हो गए 7.8 लाख
रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने प्रथम सार्वजनिक निर्गम के बाद 35वें वर्ष में प्रवेश किया है। इसका आईपीओ 1977 में आया था। उन्होंने अपने बूते कंपनी की तरक्की को एक अनूठा उदाहरण बताते हुए कहा, ‘1977 में आईपीओ के समय कंपनी में लगाया गया 1,000 रुपया आज बढ़कर 7.8 लाख रुपए का हो गया है।’ मुकेश अंबानी इस पूरी अवधि में कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल रहे हैं। मुकेश अंबानी इस पूरी अवधि में कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल रहे हैं।

मुश्किलें भी कम नहीं अंबानी की
रिलायंस इंडस्ट्रीज एक समय देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रही है, लेकिन पिछली लगातार दो तिमाहियों से उसके शुद्ध लाभ में गिरावट दर्ज की जा रही है। कंपनी के शेयरों के दाम इस समय पिछले तीन साल के सबसे निचले स्तर पर हैं और जमा होती नकदी को लेकर निवेशकों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी है।

हालांकि मुकेश अंबानी ने निवेशकों की इसी चिंता को दूर करने का प्रयास करते हुए आज कहा कि मैंने खुद कंपनी के संचालन मुनाफे को पांच साल में दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। गौरतलब है कि 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का संचालन मुनाफा नौ फीसदी घटकर 22,225 करोड़ रुपये रह गया, जोकि 2003 के बाद की पहली गिरावट है।

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