विज्ञापन

हड़ताल से एयर इंडिया को सर्वाधिक बड़ा नुकसान

Corporate Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
Air-India-to-strike-the-largest-loss
विज्ञापन
ख़बर सुनें
सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कम्पनी एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल शनिवार को 26वें दिन में प्रवेश कर गई और इसके कारण विमानन कंपनी का घाटा बढ़कर 350 करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जो कंपनी के लिए अब तक किसी भी हड़ताल से बड़ा नुकसान है। कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि नुकसान टिकट रद्द कराने, कर्मचारियों और अधिकतर बोइंग 777 विमानों के बेकार पड़े रहने के कारण हुआ।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शनिवार से नुकसान के घटकर रोजाना पांच करोड़ रुपये तक रह जाने का अनुमान है। पुरानी विमानन कंपनी इंडियन एयरलाइंस के साथ विलय से पहले वाली एयर इंडिया के पायलटों वाले इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) के सदस्य पायलट आठ मई से हड़ताल पर हैं। वे पुरानी इंडियन एयरलाइंस से संबंधित पायलटों को बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का प्रशिक्षण दिए जाने का विरोध कर रहे हैं।

विमानन कंपनी ने शुक्रवार को हड़ताल से प्रभावित अंतर्राष्ट्रीय संचालनों को बरकरार रखने के लिए अंतरिम योजना लागू की। अधिकारी ने कहा कि अंतरिम योजना के तहत कम यात्री वाले गंतव्यों को कुछ समय के लिए उड़ान योजना से हटा दिया गया है। हांगकांग, ओसाका, सिओल और टोरंटो जैसे सात अंतर्राष्ट्रीय गंतव्य इनमें शामिल हैं।

तो एयर इंडिया को होगी मुश्किल : अधिकारी
एयर इंडिया के पायलटों ने यदि अपनी हड़ताल वापस नहीं ली तो कंपनी सम्भवत: लंबे समय तक अपना वजूद नहीं बचा सकेगी। यह बात कंपनी के प्रमुख रोहित नंदन ने शनिवार को कही। नंदन ने आईएएनएस से कहा कि यदि विमानन कंपनी का वजूद लम्बे समय में बनाए रखना है, तो पायलटों के लिए जरूरी है कि वे काम पर लौटें।

उन्होंने कहा कि उन्हें (पायलट) समझना चाहिए कि इस हड़ताल का विमानन कम्पनी और इसके भविष्य पर क्या असर होगा। एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल शनिवार को 26वें दिन में प्रवेश कर गई और इसके कारण विमानन कम्पनी का घाटा बढ़कर 350 करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जो कम्पनी के लिए अब तक किसी भी हड़ताल से बड़ा नुकसान है।

एयर इंडिया ने नई रोस्टर प्रणाली लागू की
एयर इंडिया ने मेनुअल की जगह इलेक्ट्रॉनिक चालक प्रबंधन प्रणाली लागू कर दी है। इसका मकसद कर्मचारियों को उड़ान ड्यूटी आवंटित करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी को रोकना है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान के मुताबिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह के निर्देश के बाद कम्पनी ने शुक्रवार से इलेक्ट्रॉनिक रोस्टर प्रणाली लागू की।

अन्य बातों के अलावा यह प्रणाली कर्मचारियों के काम के समय, छुट्टी, बीमारी जैसी अन्य बातों का भी प्रबंधन करेगी। फिलहाल नई प्रणाली सिर्फ कॉकपिट के चालक दल के लिए लागू की गई है, लेकिन जून के मध्य के बाद यह प्रणाली केबिन के चालक दल तथा सहायक कर्मचारियों के लिए भी लागू कर दी जाएगी।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

‘मोदी का जादू बरकरार’

हरदोई लोकसभा क्षेत्र की कमल संदेश बाइक रैली में शामिल हुए प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस बोले

17 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: राम मंदिर निर्माण के लिए बाबा रामदेव की पीएम मोदी को सलाह

योगगुरु बाबा रामदेव ने राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह दी है। देखिए आखिर क्या कह रहे हैं बाबा रामदेव।

18 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree