फिच ने 11 भारतीय बैंकों की रेटिंग नेगेटिव की

Banking-Insurance Updated Wed, 20 Jun 2012 12:00 PM IST
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वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। इन वित्तीय संस्थानों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), आईसीआईसीआई बैंक और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं।
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फिच द्वारा रेटिंग के भावी परिदृश्य में की गई इस कटौती का निवेशकों की संवेदना पर और नकारात्मक असर होगा। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा। एजेंसी के इस कदम से इन संस्थानों के लिए विदेशों से ऋण हासिल करना पहले से अधिक महंगा हो जाएगा।
रेटिंग एजेंसी द्वारा जारी बयान के मुताबिक संशोधन से प्रभावित होने वाले संस्थानों में हैं : भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ बड़ौदा (न्यूजीलैंड) लिमिटेड, कैनरा बैंक, आईडीबीआई बैंक लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, एक्सिस बैंक, एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ इंडिया, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कम्पनी लिमिटेड।
रेटिंग एजेंसी ने 18 जून को भारत के एलटी फॉरेन एंड लोकल करेंसी आईडीआर के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया था। प्रमुख वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने पिछले कुछ महीनों में आर्थिक विकास दर घटने और सुधार की कमी के कारण भारत के परिदृश्य में कटौती की है। इस साल अप्रैल में स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने भारत के परिदृश्य को स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया था।

मूडीज ने पिछले महीने भारत और देश के प्रमुख वित्तीय संस्थानों की रेटिंग को 'सी-' से घटाकर 'डी+' कर दिया। फिच के मुताबिक हालांकि देश के बिगड़ते आर्थिक और वित्तीय परिदृश्य, सुस्त आर्थिक सुधार और महंगाई के दबाव के कारण इन संस्थानों पर और भी दबाव पड़ रहा है, लेकिन एजेंसी ने बैंकों के पास ग्राहकों की समुचित जमा राशि को लेकर राहत जताई।
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