विज्ञापन

खुल सकती है सस्ते कर्ज की राह

Banking-Insurance Updated Tue, 05 Jun 2012 12:00 PM IST
way-to-cheap-loans-may-open
ख़बर सुनें
महंगे पेट्रोल की मार के बाद अब आपको राहत भरी खबर सुनने को मिल सकती है। आने वाले दिनों में यह राहत आपको सस्ते कर्ज के रूप में मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और देश की आर्थिक विकास दर में नरमी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने 18 जून को प्रस्तावित मौद्रिक समीक्ष में नीतिगत दरों में और कटौती के संकेत दिए हैं। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने रेपो रेट में कटौती की ओर इशारा किया है। इसके साथ ही नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कमी की भी संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोकर्ण ने कहा है कि देश की आर्थिक विकास दर के उम्मीद से कम होने और महंगाई दर में गिरावट आने से नीतिगत दरों में कटौती की संभावनाएं बन रही हैं। इसके अलावा कच्चे तेल के दाम भी उम्मीद से अधिक तेजी से गिरे हैं। रिजर्व बैंक ने अप्रैल में नीतिगत दरों में आधे फीसदी की कटौती की थी, लेकिन उसके बाद विकास दर में आई गिरावट ने उस अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। आर्थिक विश्लेषक लगातार यह कह रहे हैं कि पिछली तिमाही में विकास दर के गिरकर 5.3 फीसदी पर आ जाने से नीतिगत दरों में कटौती करना जरूरी हो गया है। रिजर्व बैंक 18 जून को ब्याज दरों को लेकर नीतिगत समीक्षा करने वाला है। इस लिहाज से गोकर्ण के बयान को खासा अहम माना जा रहा है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए अगर नीतिगत दरों में और कटौती की जाती है, तो इससे आर्थिक विकास को बल मिलने की उम्मीद बढे़गी।

गोकर्ण ने बैंकों के पास पूंजी उपलब्धता के समुचित स्तर पर बने रहने का दावा करते हुए कहा कि रिजर्व बैंक से लिए जाने वाले कर्ज पर ब्याज दर (रेपो रेट) में कटौती से हालात सुधरे हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों के पास पर्याप्त पूंजी उपलब्ध होने से रिजर्व बैंक को हालात बिगड़ने की स्थिति में बांड खरीदने की सहूलियत मिल जाती है। इसके बावजूद गोकर्ण नखाद्य वस्तुओं की ऊंची कीमतों, कमजोर रुपये और बढ़ते राजकोषीय घाटे के चलते महंगाई दर की चिंताओं के बरकरार रहने को लेकर आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखने के लिए बजट में जिन उपायों के संकेत दिए गये थे, वे अब तक नहीं किए गए हैं। इसकी वजह से वित्तीय दबाव दिख रहा है। हालांकि पहले यही माना जा रहा था कि रिजर्व बैंक अपनी समीक्षा के दौरान ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं करेगा, लेकिन बदले हुए हालात में इसकी संभावना बढ़ गई है। इसके अलावा बैंकों के लिए रिजर्व बैंक के पास अनिवार्यत: रखे जाने वाली राशि संबंधी नगद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी कटौती की जा सकती है।

Recommended

कुंभ मेले में अतुल धन, वैभव, समृधि प्राप्ति हेतु विशेष पूजा करवायें और प्रसाद की होम डिलीवरी पायें
त्रिवेणी संगम पूजा

कुंभ मेले में अतुल धन, वैभव, समृधि प्राप्ति हेतु विशेष पूजा करवायें और प्रसाद की होम डिलीवरी पायें

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

तिलक लेकर जा रहे कार सवारों से मारपीट, लूटपाट

80 हजार रुपये नगद, जेवरात व मोबाइल लूटने का आरोप, तीन घायल

20 जनवरी 2019

विज्ञापन

पश्चिम बंगाल में ममता की महारैली, विपक्षी एकता की दिखेगी झलक

पश्चिम बंगाल में कोलकाता का बिग्रेड परेड ग्राउंड लोकसभा चुनावों के लिए विपक्षी एकता की सियासी पिच बनने जा रहा है। जहां से ममता बनर्जी बीजेपी के खिलाफ महारैली का आगाज करेंगी।

19 जनवरी 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree