महंगी हो सकती हैं डीजल कारें

Auto Market Updated Wed, 13 Jun 2012 12:00 PM IST
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तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को पत्र लिखकर डीजल कार पर उत्पाद शुल्क बढ़ाये जाने की मांग की है। रेड्डी ने मुखर्जी को पिछले सप्ताह पत्र लिखकर कहा है कि सब्सिडी पर बेचा जाने वाला डीजल वाहनों में इस्तेमाल हो रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमत में 30.25 रुपए के भारी अंतर की वजह से उपभोक्ताओं का रुझान पेट्रोल चलित कार की बजाय डीजल से चलने वाली कारों की तरफ बढ़ रहा है।
मई माह के दौरान पिछले सात महीने में पेट्रोल कारों की मांग में सबसे कम महज तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में एक लीटर डीजल का दाम 40.91 रुपए है जबकि पेट्रोल की हाल में तीन रुपए घटाये जाने के बावजूद 71.16 रुपए है। इसके अलावा दोनों ईंधनों में लगने वाले उत्पाद शुल्क में भारी अंतर है। पेट्रोल पर जहां 14.78 रुपए प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क लगता है. वहीं डीजल पर यह महज 2.06 रुपए प्रति लीटर है।

सूत्रों के अनुसार रेड्डी डीजल चलित कारों पर 80 हजार रुपए के अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को पर्याप्त नहीं मानते हैं। रेड्डी का कहना है कि दोनों ईंधनों के उत्पाद शुल्क में भारी अंतर को देखते हुए डीजल से चलने वाली कारों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और बढ़ाये जाने की जरूरत है। पत्र में रेड्डी ने यह भी उल्लेख किया है कि पेट्रोल और डीजल के दामों में अधिक अंतर होने की वजह से 2011-12 में डीजल की मांग 7.2 प्रतिशत बढ़ी जो एक साल पहले 6.2 प्रतिशत थी।

इसके मुकाबले पेट्रोल की बिक्री 10.7 प्रतिशत से घटकर करीब आधी 5.6 प्रतिशत रह गई। डीजल की मांग में बढ़ोतरी से सरकार पर सब्सिडी का बोझ 2011-12 में 91 हजार 192 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। चालू वित वर्ष में यह राशि एक लाख करोड़ रुपए से अधिक हो जाने की संभावना है।

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