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मध्यप्रदेश में बारिश: बाढ़ की चपेट में आए 1171 गांव, बचाव कार्य के लिए सेना को बुलाया गया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 03 Aug 2021 11:24 PM IST

सार

मध्यप्रदेश में मंगलवार को भारी बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गई। बाढ़ प्रभावित शिवपुरी जिले में तीन लोग करीब 24 घंटे तक पेड़ पर फंसे रहे और पांच लोगों को बचाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मानसूनी बारिश के चलते ग्वालियर-चंबल इलाके में 1171 गांव प्रभावित हुए हैं। राज्य के कुछ राज्यों में स्थिति नियंत्रित करने के लिए सेना की मदद भी मांगी गई है।
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मध्यप्रदेश में बाढ़
मध्यप्रदेश में बाढ़ - फोटो : twitter.com/IAF_MCC
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विस्तार

मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने  25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, दतिया, श्योपुर, मुरैना और भिंड में रेड अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजेश राजोरा ने बताया कि शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर और दतिया जिलों में बचाव कार्य के लिए सेना को बुलाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हालात की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी है, जिन्होंने हर संभव सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। 
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अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार की सुबह शिवपुरी जिले के पिपरौधा गांव में पांच लोगों को बचाया गया। इसके अलावा बीची गांव में तीन लोग करीब 24 घंटे तक एक पेड़ पर फंसे रहे। ये लोग बचने के लिए पेड़ पर चढ़ गए थे और बाद में निकलने का कोई रास्ता न मिलने पर वहीं रह गए। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के एक दल ने नाव की मदद से इन तीनों लोगों को बचाया। उन्होंने कहा बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया जाएगा।

 

चौहान ने कहा कि अत्यधिक वर्षा के चलते ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुल 1171 गांव प्रभावित हुए हैं, खास तौर पर शिवपुरी व श्योपुर, जहां हुई 800 मिलीमीटर बारिश की वजह से बाढ़ के हालात बन गए हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और एसडीआरएफ ने 1600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। 200 गांव अभी भी बाढ़ग्रस्त हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि प्रभावित इलाकों में लोगों को बचाने के लिए नावों की मदद ली जा रही है।





उन्होंने कहा, 'अतिवृष्टि के कारण मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के 1100 से अधिक गांव प्रभावित हैं। शिवपुरी और श्योपुर में दो दिन में ही 800 मिमी बारिश हो गई है। इस अप्रत्याशित बारिश से बाढ़ की स्थिति बनी है। मैं कल से बाढ़ग्रस्त इलाकों के स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में हूं। मणिखेड़ा डैम के 10 गेट खोले गए हैं। प्रभावित गांवों को पहले ही सतर्क कर दिया गया था। लोगों को ऊंचे स्थानों पर भेजकर सुरक्षित किया गया और राहत शिविर व भोजन की व्यवस्था की गई है।'

राज्य में बाढ़ के हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री चौहान से बात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि अब तक दो हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री को यह भी बताया कि बाढ़ प्रभावित जिलों के अधिकारियों को अलर्ट पर हैं। उन्होंने कहा कि शिवपुरी जिला कलेक्टर ने जानकारी दी है कि जलस्तर घट रहा है। 700 से अधिक लोगों को बचाया गया है। नरवर और पहरी इलाकों में आज रात सेना के अधिकारी पहुंच जाएंगे।
 
दतिया जिले में दो पुल ढहे
दतिया जिले में बाढ़ के चलते दो पुल ढह गए। यह घटना ओवरफ्लो मणिखेड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद हुई। इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिनमें पानी के तेज बहाव में पुल जल समाधि लेते नजर आ रहे हैं। ये पुल दतिया को ग्वालियर से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग में से एक थे। इनमें से एक पुल वहीं है जिसपर अक्तूबर 2013 में मची भगदड़ में 115 से अधिक श्रद्धालु मारे गए थे। 2009 में बना यह पुल दतिया को रतनगढ़ से जोड़ता है, जो अपने दुर्गा देवी के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।
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