Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh Political crisis Know rivalry between Jyotiraditya Scindia and Digvijay Singh family

मध्यप्रदेश संकट: 200 साल पुरानी है सिंधिया और दिग्विजय सिंह के परिवार के बीच वर्चस्व की लड़ाई

Anil Pandey अनिल पांडेय
Updated Wed, 11 Mar 2020 02:18 PM IST

सार

मध्यप्रदेश में मचे राजनीतिक तूफान को समझना हो तो दो महत्वपूर्ण घटनाएं याद करनी होंगी। एक घटना 27 साल पुरानी है तो दूसरी 200 साल से ज्यादा पुरानी है। कहा भी जाता है कि इतिहास खुद को दोहराता है। दिसंबर 2012 में 1993 का इतिहास दोहराया गया था।
दिग्विजय सिंह-ज्योतिरादित्य सिंधिया (फाइल फोटो)
दिग्विजय सिंह-ज्योतिरादित्य सिंधिया (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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विस्तार

1993 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए दिग्विजय सिंह और माधव राव सिंधिया का नाम शीर्ष पर था। लेकिन बाजी मारी दिग्विजिय सिंह ने। इससे पहले भी 1985-90 में राजीव गांधी भी अपने दोस्त माधव राव को मुख्यमंत्री के लिए अर्जुन सिंह और मोतीलाल वोरा पर तरजीह नहीं दे पाए थे।


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