लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur ›   Hearing on the petition on the construction in Narmada coast state government submitted its answer

MP News: नर्मदा तट के प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण पर लगी याचिका पर सुनवाई, राज्य सरकार ने में पेश किया जवाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Fri, 23 Sep 2022 08:07 AM IST
सार

याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नदी के किस क्षेत्र से दूरी निर्धारित करने के संबंध में राज्य सरकार से जवाब मांगा था। सरकार की तरफ से टाउन एंड कंट्री के नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए कहा गया कि नर्मदा तट से तीन सौ मीटर निर्धारित है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में नर्मदा नदी के तीन सौ मीटर के दायरे में हुए अवैध निर्माण को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नदी के किस क्षेत्र से दूरी निर्धारित करने के संबंध में राज्य सरकार से जवाब मांगा था। सरकार की तरफ से टाउन एंड कंट्री के नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए कहा गया कि नर्मदा तट से तीन सौ मीटर निर्धारित है। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमठ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ याचिका पर अगली सुनवाई नवम्बर माह के प्रथम सप्ताह में निर्धारित की है।


बता दें, दयोदय सेवा केन्द्र द्वारा नर्मदा नदी के तीन सौ मीटर दायरे में अवैध रूप से निर्माण कार्य किए जाने का आरोप लगाते हुए नर्मदा मिशन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। वहीं पूर्व मंत्री व भाजपा नेता ओमप्रकाश धुर्वे द्वारा डिण्डौरी में बिना अनुमति नर्मदा नदी के लगभग पचास मीटर के दायरे में बहुमंजिला मकान बनाये जाने को भी चुनौती दी गयी थी। इसके अलावा एक अवमानना याचिका सहित तीन अन्य संबंधित मामले को लेकर याचिकाएं दायर की गयी थी।


मामले की पूर्व सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया था कि जबलपुर में 2008 के बाद नर्मदा नदी के तीन सौ मीटर दायरे में तिलवाराघाट, ग्वारीघाट, जिलहेरीघाट, रमनगरा, गोपालपुर, दलपतपुर, भेड़ाघाट में कुल 75 अतिक्रमण पाए गये, जिसमें से 41 निजी भूमि, 31 शासकीय भूमि तथा 3 आबादी भूमि में पाये गये हैं। हाईकोर्ट ने 1 अक्टूबर 2008 के बाद नर्मदा नदी के तीन सौ मीटर दायरे हुए निर्माण को हटाने के आदेश दिये थे। युगलपीठ ने अवैध निर्माण के हटाने की वीडियोग्राफी करने के आदेश जारी करते हुए कार्रवाई के लिए अधिवक्ता मनोज शर्मा को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर ने न्यायालय को बताया कि व्यक्तिगत सर्वे कर तैयार की गई रिपोर्ट हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करा दी गई है। जिसके बाद युगलपीठ ने सभी पक्षकारों को उसकी कॉपी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये थे।

याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि नदी के अधिकतम जल भराव क्षेत्र से तीन सौ मीटर दूरी निर्धारित है। अनावेदक की तरफ से कहा गया कि अधिकतम जल भराव नहीं, सामान्य जल भराव क्षेत्र से दूरी निर्धारित है। इस संबंध में हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00