विज्ञापन
विज्ञापन

मध्यप्रदेश: बारिश ने तोड़ा घर, कब्रिस्तान में रहने को मजबूर हुए बाप-बेटे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Updated Sat, 19 Oct 2019 02:25 PM IST
कब्रिस्तान में रहने को मजबूर हैं यह बाप-बेटे
कब्रिस्तान में रहने को मजबूर हैं यह बाप-बेटे - फोटो : Twitter
ख़बर सुनें
मध्यप्रदेश में इस साल बारिश ने काफी तबाही मचाई थी। कई लोगों को आसमान से बरसते पानी ने बेघर कर दिया। ऐसे ही एक आदिवासी बाप-बेटे हैं जो बारिश के कारण कब्रिस्तान में रहने को मजबूर हैं। उनकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। फिर स्थानीय मीडिया ने उनके मुद्दे को उठाया तब कहीं जाकर पंचायत की नींद टूटी और उन्होंने बाप-बेटे को पंचायत की इमारत में रहने की मंजूरी दी।
विज्ञापन
इस 35 साल के आदिवासी पिता का नाम रामरतन और उसके आठ साल के बेटे का नाम हनुमत है। वह सागर शहर में मजदूर के तौर पर कार्य करते हैं। रात को सोने के लिए वह बेटे के साथ कुदारी गांव के कब्रिस्तान चला जाया करते थे। यह गांव जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर की दूरी पर है। रामरतन ने कहा कि बारिश में घर टूटने के बाद उन्होंने स्थानीय पंचायत से मदद मांगी थी।

उन्होंने कहा, 'मुझे गरीबों के लिए चलाई जा रही किसी भी सरकारी योजना से कोई मदद नहीं मिल रही है। मेरे पास बीपीएल परिवारों को मिलने वाला राशन कार्ड भी नहीं है। मैंने मदद के लिए आवेदन किया लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ।' उन्होंने बताया कि उन्हें एक बार के काम के 50 रुपये मिलते हैं वो भी तब जब हफ्ते में चार बार उन्हें काम मिलता है। रामरतन ने कहा, 'मैं भीख नहीं मांगता।'

पवन यादव रामरतन को अपने खेतों से चारे को ट्रैक्टर ट्रॉली में डालने का काम देते हैं। उन्होंने बताया कि रामरतन ने सरपंच और पंचायत सचिव से मदद मांगी थी लेकिन उसे कुछ नहीं मिला। सागर प्रशासन तब हरकत में आया जब सोशल मीडिया पर बाप-बेटे की कब्रिस्तान में सोने वाली तस्वीरें वायरल हुईं। सागर जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश पटेरिया ने कहा, 'मुझे उनके बारे में पता चला। अगले दो दिनों में रामरतन के लिए सभी व्यवस्थाएं की जाएंगी। जिसमें खाना और रहना शामिल है।'

उन्होंने कहा कि उन लोगों के के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने रामरतन के सरकारी मदद वाले आवेदनों को नजरअंदाज किया। सागर जनपद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल पांडे ने कहा कि फिलहाल के लिए रामरतन को पंचायत भवन में रखा गया है। उनके लिए दूसरे प्रबंध भी किए जा रहे हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि रामरतन का नाम सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों में दर्ज है।
विज्ञापन

Recommended

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण
NIINE

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण

विनायक चतुर्थी पर सिद्धिविनायक मंदिर(मुंबई ) में भगवान गणेश की पूजा से खत्म होगी पैसों की किल्लत 30-नवंबर-2019
Astrology Services

विनायक चतुर्थी पर सिद्धिविनायक मंदिर(मुंबई ) में भगवान गणेश की पूजा से खत्म होगी पैसों की किल्लत 30-नवंबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Madhya Pradesh

शराब के नशे में मां, बहन और भाभी से दुष्कर्म करता था युवक, घरवालों ने ही मार डाला

पुलिस की पूछताछ में परिवार के सदस्यों ने युवक की हत्या की बात कबूली। परिवार के लोगों का कहना था कि शराब पीने के बाद उसने कई बार मां, बहन और भाभी से दुष्कर्म किया था।

20 नवंबर 2019

विज्ञापन

गोरखपुर: नीर निकुंज वाटर पार्क के दो साझेदारों रोहित और दीपक अग्रवाल का ऑडियो वायरल

गोरखपुर में क्या वाकई जीडीए की शह पर नीर निकुंज वाटर पार्क के साझेदार रोहित को जबरन पुलिस उठा ले गई थी? शहर के बड़े व्यवसायी और पार्क के साझेदार रोहित अग्रवाल और साझेदार दीपक अग्रवाल की बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा

21 नवंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election