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मध्यप्रदेश: नए कृषि कानून से होशंगाबाद के किसानों को मिला न्याय, सीएम शिवराज ने दी बधाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: देव कश्यप Updated Sun, 13 Dec 2020 12:34 AM IST
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Madhya Pradesh CM Shivraj Singh Chouhan
Madhya Pradesh CM Shivraj Singh Chouhan - फोटो : ANI

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एक तरफ दिल्ली में बड़ी संख्या में किसान, केंद्र सरकार द्वारा लागू कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ मध्यप्रदेश में इसी कानून के तहत किसानों को न्याय मिलने का मामला सामने आया है। यहां किसानों से कॉन्ट्रैक्ट के तहत धान खरीदना तय होने के बाद कंपनी पीछे हट गई थी, लेकिन मामला संज्ञान में आते ही एसडीएम ने कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट में तय रकम पर ही धान खरीदने का आदेश दिया है। 

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दरअसल, होशंगाबाद के रहने वाले किसान पुष्पराज पटेल और बृजेश पटेल से निजी कंपनी ने कॉन्ट्रैक्ट किया था कि कंपनी उनसे उच्चतम मूल्य पर धान खरीदेगी।किसानों का आरोप है कि जून 2020 में अनुबंध होने के बाद कंपनी ने कुछ समय तक तो उच्चतम मूल्य ही धान खरीदा, लेकिन दाम बढ़कर जैसे ही तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंचा, तो कंपनी ने धान खरीदना बंद कर दिया और कंपनी के लोगों ने किसानों से बात करना भी बंद कर दिया।


 

इसके बाद 10 दिसंबर को किसानों ने पिपरिया एसडीएम नितिन टाले को लिखित शिकायत दी। इसके बाद एसडीएम ने निजी कंपनी के प्रतिनिधियों को समन जारी कर जवाब देने को कहा। इस पर कंपनी के डायरेक्टर ने जवाब प्रस्तुत किए जाने पर कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 की धारा 14(2)(a) क तहत कांसुलेशन बोर्ड का गठन किया। कांसुलेशन बोर्ड के सामने कंपनी ने नौ दिसंबर के उच्चतम दर पर धान खरीद करना स्वीकार किया। 

बोर्ड की सिफारिश के आधार पर एसडीएम पिपरिया ने अनुबंधित किसानों 2950+50 रुपये बोनस कुल 3,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने के निर्देश दिए।इस प्रकार नए कृषि कानून का प्रयोग करते हुए शिकायत प्राप्त होने के 24 घंटे के अंदर किसानों को अनुबंध के मुताबिक उच्चतम मूल्य पर उपज की बिक्री करवाई गई।

इसके बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर जिले के अफसरों को बधाई दी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने लिखा, 'नए कृषि कानून किसानों के हित में हैं, इसका उदाहरण है यह मामला। होशंगाबाद में फॉर्च्यून राइस लि. अनुबंध होने के बावजूद किसानों से धान नहीं खरीद रही थी। एसडीएम कोर्ट ने तत्परता दिखाते हुए कंपनी को 3000 रुपये क्विंटल की दर से धान खरीदी का आदेश दिया है। प्रशासन की पूरी टीम को बधाई।' 



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