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'शादी की उम्र 21 साल क्यों' कांग्रेस नेता के बयान पर सिंधिया का तंज- 100 साल पुरानी पार्टी की सोच 100 साल पुरानी

मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने बुधवार को लड़कियों की शादी की उम्र को लेकर एक विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब लड़कियां 15 साल की उम्र में ही प्रजनन के लायक हो जाती हैं और 18 साल में परिपक्व हो जाती हैं तो शादी की उम्र 21 साल क्यों हो? उनके इस बयान पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया है। वहीं भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला है।

100 साल पुरानी पार्टी की सोच 100 साल पुरानी है: सिंधिया
कांग्रेस नेता के बयान पर भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि 100 साल पुरानी पार्टी की सोच 100 साल पुरानी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'बार -बार महिलाओं के प्रति कांग्रेस नेताओं की ओछी सोच सामने आई है। कभी जन-सभाओं में महिलाओं के लिए अपशब्द का इस्तेमाल, कभी गर्ल चाइल्ड पर अभद्र टिपण्णी, तो अब मीडिया में लड़कियों की शादी की उम्र के विषय में अयोग्य बयान- ये अत्यंत निंदनीय है और मातृशक्ति का घोर अपमान है। ऐसी विकृत मानसिकता शर्मनाक है। 21वीं सदी के भारत में ऐसी पिछड़ी विचारधारा समाज के लिए हानिकारक हैI ये दर्शाता है कि 100 साल पुरानी पार्टी की सोच 100 साल पुरानी है।'

आयोग ने दो दिन के अंदर मांगा स्पष्टीकरण
नोटिस में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कांग्रेस नेता से दो दिन के अंदर इस बात का स्पष्टीकरण देने और नाबालिग लड़कियों और कानून के खिलाफ इस तरह का भेदभावपूर्ण बयान देने के अपने इरादे को उचित ठहराने का अनुरोध किया है।



क्या है पूरा मामला
कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा, 'जब डॉक्टर बोलते हैं कि लड़कियां 15 साल में प्रजनन के लायक हो जाती हैं तो शादी की उम्र 21 साल करने की क्या जरूरत है? शिवराज क्या बड़ा डॉक्टर हो गया है? दरअसल, नारी सम्मान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि लड़कियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल की जानी चाहिए। इस मुद्दे पर विचार करने की जरूरत है।

बता दें कि इससे पहले भी सज्जन सिंह वर्मा ने इमरती देवी को लेकर एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर इमरती देवी पर बयान की वजह से कांग्रेस को नुकसान हुआ तो वे खुद भी चुनाव कैसे हार गईं? उन्होंने आगे कहा कि इमरती देवी जलेबी बन गईं।

वहीं मतदान से पहले चुनावी रैली में कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इमरती देवी को आइटम बोल दिया था। इसपर काफी विवाद भी हुआ था और मामला चुनाव आयोग से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था।
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सीएम शिवराज का बड़ा फैसला: इन दो विभागों को मिलाकर करेंगे एक, सामान्य प्रशासन विभाग ने शुरू की तैयरियां

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनहित में एक बड़ा फैसला किया है, इससे 'आत्मनिर्भर भारत' योजना को भी बल मिलेगा। शिवराज कैबिनेट ने लोगों को स्वास्थ्य की बेहतर सेवाएं मिल सकें इस लिए प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग को आपस में जोड़ कर एक ही विभाग बनाने का फैसला लिया है। इस फैसले पर दोनों विभागों के मंत्रियों ने भी अपनी सहमति भी दे दी है। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग ने तैयरियां शुरू कर दी हैं।


मंत्री एक, आयुक्त अलग-अलग
जानकारी के मुताबिक विभागों के विलय होने के बाद मंत्री एक ही रहेंगे, जबकि इन विभागों में आयुक्त अलग-अलग नियुक्त किए जाएंगे। फिलहाल चिकित्सा शिक्षा विभाग विश्वास सारंग और स्वास्थ्य विभाग प्रभुराम चौधरी के पास हैं। बता दें, शिवराज सरकार कई बार सामूहिक रूप से यह घोषणा कर चुकी है कि उसका फोकस लोगों के स्वास्थ्य और शिक्षा को बेहतर बनाना है। इसके लिए कई निर्णय लिए जा रहे हैं।

प्रदेश में बदलाव के लिए मुख्यमंत्री चौहान लगातार कैबिनेट की बैठकों के साथ-साथ जनसभाएं भी कर रहे हैं। इसीका नतीजा है कि प्रदेश में हर दूसरे दिन नई बैठकों के साथ कई कार्रवाइयां की जा रही हैं। हाल ही में शिवराज सरकार ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर मुहर लगाई है। प्रदेश में लगातार भू-माफियाओं और ड्रग डीलरों के खिलाफ भी शिवराज सरकार द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

शिक्षा-स्वास्थ्य एक होने से होंगे यह लाभ
  • सभी स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में एक हो सकेगा।
  • भारत सरकार से मिलने वाली राशि का बेहतर उपयोग हो पाएगा।
  •  फिलहाल एक विभाग में राशि ज्यादा होने पर उपयोग ही नहीं हो पाती, जबकि दूसरे विभाग में बजट ही नहीं रहता है।
  • जो जांचें जिला अस्पतालों में नहीं हो पाएंगी उन्हें मेडिकल कॉलेज से कराया जा सकेगा।
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शादी के लिए ‘न’ सुनने पर बौखलाया आशिक, दोस्तों संग युवती की मां व भाई से की मारपीट

मध्य प्रदेश के भोपाल में एक सिरफिरा आशिक युवती से न सुनने पर बौखला गया। एकतरफा प्यार में वह इतना अंधा हो गया कि लड़की के घर में जबरन घुसकर उसने उसकी मां और भाई की पिटाई कर दी। वह पीड़िता के घर अपने तीन गुंडे दोस्तों के घुसा और उसे जान से मारने की धमकी भी दी।

युवती के पिता नौकरी पेशा हैं। इस घटना से पीड़ित परिवार काफी डरा हुआ था। युवती के पिता चार घंटे के बाद काम से जब घर लौटे तब उसने उन्हें आपबीती उन्हें सुनाई। ऐसे में देर रात रातीबड़ थाने पहुंचकर उन्होंने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। अब पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक 24 वर्षीय लड़की रातीबड़ इलाके में रहती है। उसने पुलिस को दिए बयान में कहा कि कि रवि जाटव नाम का लड़का काफी दिनों से उसके पीछे पड़ा हुआ है। घर से बाहर निकलते ही वह उसका पीछा करने लग जाता है। साथ ही वह जबरदस्ती लड़की पर शादी करने का दबाव बना रहा है।

अधिकारी ने बताया कि जब लड़की से उसने शादी के लिए पूछा तो मना करने पर वह नाराज हो गया। इसके बाद शनिवार के दिन दोपहर 1:30 बजे के आसपास वह कार से अपने तीन दोस्तों के साथ युवती के घर के बाहर आ गया।

जबरन घर में घुसते ही उसने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया और मां व छोटे भाई को बंधक बनाकर मारपीट शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, रवि पीड़िता को जबरदस्ती कमरे में ले गया और गला दबाकर उसे जान से मारने की धमकी भी दी। उसने कहा कि अगर वह उससे शादी नहीं करेगी, तो वह पीड़िता के साथ ही उसके पूरे परिवार को भी जान से मार देगा।


 

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भोपाल: तेज रफ्तार एसयूवी ने बाइक सवार तीन भाइयों को मारी टक्कर, दो की मौत, एक गंभीर

भोपाल के रातीबड़ थाना इलाके में शनिवार की सुबह तेज रफ्तार एसयूवी ने बाइक पर सवार होकर आ रहे तीन भाइयों को इतनी जोरदार टक्कर मार दी कि उनकी बाइक करीब सौ फीट दूर जा गिरी। इस भीषण सड़क हादसे में बाइक पर सवार दो भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीसरे की हालत नाजुक बनी हुई है। 

रातीबड़ थाना पुलिस ने बताया कि राजपुरा में बिलकिसगंज का रहने वाला बृजमोहन मीणा और उसका परिवार निर्माणाधीन मकानों में छत ढलाई का ठेका लेते हैं। बृजमोहन शनिवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपने बड़े भाई रामबाबू और प्रेमनारायण मीणा के साथ एक ही बाइक पर सवार होकर साइट पर काम करने के लिए निकला था। इस दौरान रातीबड़ से बिलकिसगंज जाने वाली सड़क पर सामने से आ रही तेज रफ्तार एसयूवी ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। 

घटनास्थल पर लगे सीसीसटीवी फुटेज को देखने के बाद पुलिस ने बताया कि  कुत्ते को बचाने के लिए ड्राइवर ने एसयूवी सड़क से नीचे उतारी फिर दोबारा सड़क पर लौटते वक्त सामने से आ रहे बाइक सवारों को टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि रामबाबू और प्रेमनारायण 20 फीट ऊपर उछले और सड़क पर आ गिरे। इस कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। जबिक उनकी बाइक उछल कर करीब सौ फीट दूर जा गिरी। 

पुलिस के अनुसार इस हादसे के पल भर बाद ही एसयूवी ने दूसरी बाइक पर बिलकिसगंज से भोपाल लौट रहे मां-बेटे को भी टक्कर मारकर जख्मी कर दिया। एसयूवी इतनी अनियंत्रित हो चुकी थी कि सड़क किनारे लगे पेड़ से टकरा गई। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर पीछे से आ रही दूसरी कार में सवार होकर फरार हो गया। पुलिस को कार में क्रिकेट का सामान मिला है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी फेथ क्रिकेट क्लब में प्रैक्टिस करके लौट रहा होगा।

वहीं, घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने कार में तोड़फोड़ कर दी। इसके पहले कि वे एसयूवी को आग के हवाले कर देते, सूचना मिलते ही  मौके पर पुलिस पहुंच गई और कार को जब्त कर लिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल बृजमोहन को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालात गंभीर बनी हुई है। हादसे की सूचना से राजपुरा गांव में मातम मचा हुआ है।


 
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रातीबड़ में सड़क हादसे में कार की टक्कर से सौ फीट दूर जा गिरी बाइक रातीबड़ में सड़क हादसे में कार की टक्कर से सौ फीट दूर जा गिरी बाइक

भोपाल में जिला प्रशासन को है हड़कंप की आशंका, तीन थाना क्षेत्रों में लगाया कर्फ्यू तो 11 में धारा 144 लागू

भोपाल में आज यानी रविवार को तीन इलाकों में प्रशासन द्वारा कर्फ्यू लगा दिया गया है। यह तीन इलाके जमालपुरा, हनुमानगंज और गौतम नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इतना ही नहीं, शहर के 11 थाना क्षेत्रों में में धारा 144 भी लागू कर दी गई है। यह आदेश रविवार सुबह 9:00 बजे से आगामी आदेश तक लागू रहेगा। दरअसल, आज शहर में एक समुदाय विशेष निर्माण कार्य कर रहा है। इसे देखते हुए एहतियातन जिला प्रशासन ने यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

बता दें, हाइकोर्ट ने हाल-फिलहाल में भोपाल के कबाड़खाना क्षेत्र में स्थित लगभग 30 हजार वर्ग फीट भूमि के विवाद को लेकर संघ कार्यालय 'केशव नीडम' के पक्ष में फैसला दिया था। इस फैसले के बाद 'केशव नीडम' के पदाधिकारी आज उक्त जमीन पर चारदीवारी का निर्माण करा रहे हैं। ऐसे में आशंका है कि स्थानीय नागरिक हंगामा कर सकते हैं। इसलिए क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। 

इस कड़ी में पुराने भोपाल की कुछ सड़कों को सील कर दिया गया है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल पहरा दे रही है। साथ ही लोगों को घरों में ही रहने को कहा गया है। जिला प्रशासन का आदेश है कि इस दौरान सभी व्यावसायिक संस्थान, दुकानें, उद्योग आदि बंद रहेंगे जबकि अस्पताल और दवाइयों की दुकानें खुली रह सकती हैं। 

गौरतलब है कि पुराने भोपाल में कर्फ्यू लगने का असर भारत टॉकिज चौराहा, पुरानी सब्जी मंडी, तलैया थाना क्षेत्र, हमीदिया रोड, शाहजहांनाबाद थाना रोड, सेफिया कॉलेज रोड, रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर-6, भारत टॉकिज ओवरब्रिज, निशातपुरा से हनुमानगंज जैसे इलाकों में रहेगा। इन इलाकों की तरफ आने वाले मार्गों पर कोई भी व्यक्ति बिना अति आवश्यक कार्य के नहीं पहुंच पाएगा। 

हालांकि, ये आदेश शासकीय सेवक पुलिसकर्मी सशस्त्र बल पर और शैक्षणिक या प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों पर लागू नहीं होगा। यह आदेश इन परीक्षाओं की ड्यूटी में लगे कर्मचारियों पर भी लागू नहीं होगा। यह लोग प्रवेश पत्र व आइडी कार्ड दिखाने पर आगमन कर सकेंगे।

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मध्यप्रदेश: अब ऑनलाइन भी बिकेगी शराब, सरकार खुद कराएगी घर-घर डिलीवरी

छत्तीसगढ़ के बाद अब मध्य प्रदेश में भी ऑनलाइन शराब बिकेगी। प्रदेश सरकार शराब की ऑनलाइन बिक्री को मंजूरी देने की तैयारी में है। इसके लिए वाणिज्य कर विभाग ने एक प्रस्ताव मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज है। अब जैसे ही सचिवालय से प्रस्ताव पास होता है, इसे कैबिनेट में लाया जाएगा।

मीडिया से बात करते हुए राज्य के आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सरकार राज्य में शराब की ऑनलाइन बिक्री पर विचार कर रही है। ऐसा प्रदेश में शराब का अवैध कारोबार रोकने और रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर आखिरी फैसला मुख्यमंत्री को ही लेना है।

देवड़ा के मुताबिक, इस फैसले का मुख्य उद्देश्य सरकार की आय को बढ़ाना और राज्य में  शराब के अवैध कारोबार को रोकाना है। इसलिए  सरकार आबकारी नीति में कई बड़े बदलाव भी करने जा रही है। उन्होंने आगे कहा, मध्य में दूसरे राज्यों की तुलना में शराब महंगी बिकती है। इसकी वजह से प्रदेश से सटे दूसरे राज्यों से शराब की बड़े स्तर पर तस्करी होती है, लेकिन इस फैसले के बाद इसमें भारी गिरावट देखने को मिलेगी। 

आबकारी मंत्री ने कहा कि हमने नकली शराब और अवैध कारोबार को रोकने के लिए आबकारी विभाग के बड़े अफसरों की जिम्मेदारी तय कर दी है। सभी को बता दिया गया है कि राज्य में हर हाल में अवैध शराब के कारोबार को खत्म करना है। हालांकि, इसके बाद ही अगर कहीं कोई घटना होगी तो उसके लिए विभाग के अधिकारी सहित जिला प्रशासन के अफसर भी जिम्मेदार होंगे।   

उन्होंने मुरैना में नकली शराब पीने से हुई मौतों पर भी बीत की। देवड़ा ने कहा कि घटना की जांच चल रही है। सरकार को जांच कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है। जैसे ही सरकार के पास रिपोर्ट आती है, इस मामले में तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
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राजेश साहू मर्डर केस: बेहोशी का इंजेक्शन देकर कार में लगाई थी आग, प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 27 दिसंबर को कार में मृत पाए गए रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी राजेश साहू की हत्या की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने मामले से पर्दा उठाते हुए गुरुवार को बताया कि राजेश की हत्या पैसों के लिए हुई थी। भोपाल से हत्या के छह आरोपियों को पकड़ने के साथ ही पुलिस ने उनके कब्जे से 2 लाख से अधिक रुपए, 9 मोबाइल फोन और एक कार जब्त किया है। 

पुलिस ने बताया कि मृतक राजेश और नरेश साथ में प्रॉपर्टी का कारोबार करते थे।  5 करोड़ के लेनदेन को लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था। राजेश ने जुलाई में नरेश के खिलाफ धोखाधड़ी का एक केस भी दर्ज करवाया था, लेकिन पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की थी। इस मामले में पुलिस ने कहा कि केस तकनीकी रूप से काफी जटिल था। इसकी जांच चल रही थी। 

छिंदवाड़ा पुलिस ने बताया कि एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन के पद से वीआरएस ले चुके 54 साल के राजेश छिंदवाड़ा के तिरुपति अभिनव होम्स में रहते थे। उनका अधजला शव 27 दिसंबर को रैनीखेड़ा से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत दम घुटने से हुई थी। नरेश और उसके कर्मचारी अशोक ने राजेश के डॉक्टर महादीप व अन्य तीन लोगों को भी अपने साथ मिला लिया था । 26 दिसंबर की रात आरोपी उन्हें नींद का हैवी डोज देकर भोपाल से छिंदवाड़ा ले गए। वहां उन्होंने बेहोश राजेश को उनकी कार में बिठाकर खाई में धक्का दे दिया। फिर पेट्रोल छिड़ककर कार को आग लगा दी थी। 

पूछताछ में नरेश ने एसआईटी की टीम को कुछ देर तक गुमराह किया। हालांकि, सख्ती दिखाने पर उसने अपने साथियों का नाम बता दिया। राजेश की हत्या के जुर्म में पुलिस ने नरेश गुर्जर, अशोक अग्रवाल, मो. इस्माईल, महादीप डेहरिया, शाहरुख खान और शाहवर खान को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में साथ देने के लिए नरेश और अशोक ने सभी आरोपियों को 50-50 हजार रुपए दिए थे।

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डीएसपी और स्पा सेंटर के मालिक के बीच का ऑडियो वायरल, पैसों के लेन-देन की हुई बात

एयरफोर्स के रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन राजेश साहू

कोरोना टीकाकरणः भोपाल में पहला टीका सुरक्षा गार्ड को व इंदौर में महिला स्वास्थ्यकर्मी को लगेगा

मध्यप्रदेश में शनिवार से शुरू हो रहे कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत पहला टीका भोपाल के जेपी अस्पताल में तैनात एक सुरक्षा गार्ड को लगाया जाएगा। वहीं इंदौर जिले में पहला टीका एक महिला स्वास्थ्य कर्मी को लगेगा।

राज्य के अपर संचालक टीकाकरण संतोष शुक्ला ने शुक्रवार को बताया कि 16 जनवरी को मध्यप्रदेश में कोविड-19 का पहला टीका भोपाल स्थित जेपी अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी के एक कर्मी को लगेगा। हालांकि उन्होंने उस कर्मचारी का नाम बताने से इनकार कर दिया।

इस बीच, भोपाल स्थित जेपी अस्पताल के सुरक्षा गार्ड हरिदेव यादव ने यहां मीडिया से कहा, ‘मुझे शनिवार को सबसे पहले कोराना वायरस का टीका जेपी अस्पताल में लगेगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि मैं मध्यप्रदेश में यह टीका लगवाने वाला पहला व्यक्ति होने जा रहा हूं। मैंने खुद ही कहा कि सबसे पहले मुझे यह टीका लगाओ। जब मैंने अपनी पत्नी को यह बताया तो उसे थोड़ा.सा संकोच हुआ, लेकिन बाद में वह मान गई।

यादव ने कहा, ‘मैं जेपी अस्पताल में सुरक्षा गार्ड हूं और जब से कोरोना वायरस महामारी फैली है, तब से मैंने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली है। वहीं मध्यप्रदेश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित इंदौर जिले में इस महामारी से बचाव का पहला टीका लगवाने जा रहीं स्वास्थ्य कर्मी आशा पवार ने कहा कि वह और उनका परिवार इस टीकाकरण को लेकर एकदम निश्चिंत हैं।

ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनीष शर्मा ने बताया कि शनिवार को सबसे पहले 10 सफाई कर्मियों को बुलाया गया है और उनमें से जो सबसे पहले आएगा, उसे ही पहला टीका लगेगा। इसी बीच, उज्जैन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महावीर खंडेलवाल ने बताया, हमारे केन्द्र पर पहला टीका किसी सफाई कर्मी को लगेगा। पहला टीका लगाने के लिए हमने कोई नाम तय नहीं किया है। 

मप्र में 150 केंद्रों पर शुरू होगा टीकाकरण
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी एवं प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने शुक्रवार को भोपाल में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बताया कि शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन के बाद मध्यप्रदेश में 150 केन्द्रों पर टीकाकरण अभियान की शुरूआत होगी।  चौधरी ने कहा कि टीका लगाने के संबंध में सभी चिह्नित लोगों के पास शाम तक इस बारे में संदेश पहुंच जाएगा।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रथम चरण में लगभग 4.17 लाख स्वास्थ्य कर्मियों का चरणबद्ध तरीके से टीकाकरण किया जाएगा। चौधरी ने कहा कि प्रदेश को प्रथम चरण में  5,06,500 कोविशील्ड टीके की खुराक प्राप्त हो चुकी है। ये सभी जिलों को आवश्यकतानुसार आवंटित की गई है। यह टीका राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य कर्मियों, निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मियों एवं सशस्त्र बलों के स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। 

मध्यप्रदेश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 2,50,429 मामले सामने आए हैं और इनमें से 3,740 मरीजों की मौत हो चुकी है।
 
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मध्यप्रदेशः शिवराज ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर योजना के लिए मांगी मदद

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। उन्होंने राज्य की ग्रामीण पथ विक्रेता ऋण योजना के लिए केंद्र से मदद मांगी। उन्होंने योजना के तहत कर्ज लेने वालों के लिए सिबिल रेटिंग अनिवार्य नहीं रखने का भी आग्रह किया। 




वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से चर्चा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि वित्त मंत्री ने योजना के लिए मदद का वादा किया है। बता दें, मध्यप्रदेश सरकार इस योजना के तहत स्ट्रीट वेंडरों को 10-10 हजार रुपये का कर्ज बगैर ब्याज के मुहैया कराती है। इसे शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी लागू किया जा रहा है। 

स्ट्रीट वेंडरों के लिए सिबिल रेटिंग अनिवार्य न हो
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वित्त मंत्री सीतारमण से स्ट्रीट वेंडर योजना के तहत कर्ज देने के लिए सिबिल रेटिंग अनिवार्य नहीं करने का भी आग्रह किया। शिवराज ने बताया कि वित्त मंत्री ने इस पर भी सहमति जताई और बैंकों से चर्चा करने की बात कही। पता हो कि बैंक से लोन लेने के लिए अच्छी सिबिल रेटिंग होना जरूरी है। आमतौर पर बैंकें तभी किसी व्यक्ति या संस्थान को कर्ज देते हैं, जबकि उसकी क्रेडिट रेटिंग यानी साख दर अच्छी हो। 


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भोपाल: महिलाओं ने आरटीआई को बनाया हथियार, पति की नौकरी-जॉब की मांग रहीं जानकारी

सरकारी विभागों के काम में पारदर्शी बनाए रखने व भ्रष्टाचार कम करने के लिए सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून साल 2005 में आया था। इस कानून के तहत देश का कोई भी व्यक्ति सरकार के किसी भी विभाग की जानकारी हासिल कर सकता है। हालांकि, अब इस कानून के उपयोग का दायरा बढ़ रहा है। दरअसल, इस कानून का उपयोग अब गृहणियां भी करने लगी हैं। वे अपने पति की सैलरी की जानकारी आरटीआई के तहत मांग रही हैं। घर के छोटे-मोटे झगड़े हों या फिर दंपति में विवाद होने पर अब आरटीआई लगा दी जा रही है। इतना ही नहीं शादी से पहले भी लड़के का स्टेटस जानने के लिए इस कानून के तहत जानकारी मांगी जा रही है।  

आरटीआई से पत्नियों ने मांगीं विभिन्न जानकारियां
भोपाल के राज्य सूचना आयोग में पत्नियों द्वारा लगाई गई ऐसी लगभग 500 अपीलें लंबित चल रही हैं। इन पत्नियों ने आरटीआई के तहत तरह-तरह की जानकारियां मांगीं। इनमें पति की नौकरी, उसकी सैलरी, सर्विस बुक, यहां तक की पति का किसी अन्य महिला से संबंध तो नहीं, पति ने किसी सरकारी दस्तावेज में किसी अन्य महिला काे नॉमिनी तो नहीं बना दिया जैसी जानकारियां मांगी गई हैं। भोपाल में महिलाओं ने ये याचिकाएं पहले अपने पतियों के कार्यालय में लगाईं थीं, जिनमें से कुछ राज्य सूचना आयोग के पास भेज दी गईं। ऐसे में जब विभागों के लोक सूचना अधिकारी ने पति की नौकरी के अलावा अन्य जानकारी देने से मना कर दिया तब महिलाओं ने सूचना आयोग में अपील किया था। हालांकि, ऐसी अपीलें खारिज हो रही हैं।   

केवल पति के वेतन की ही मिल सकती है जानकारी
आवेदिका सोमना शर्मा ने पति से तलाक के बाद आरटीआई के तहत जानकारी मांगी कि पति को कितना वेतन और बोनस मिलता है। उन्होंने अपने ससुर और देवर की संपत्ति की जानकारी भी मांगी, लेकिन यह जानकारी उनके पति नहीं देना चाहते थे। ऐसे में सहमति न होने पर सूचना अधिकारी और लोक अपीलीय अधिकारी ने सोमना को जानकारी देने से मना कर दिया। इस पर आवेदिका ने सूचना आयोग में अपील की। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद लोक सूचना और अपीलीय अधिकारी को सिर्फ पति के वेतन की ही जानकारी देने के आदेश दिए। आयोग ने इसके पीछे तर्क दिया कि पत्नी को कानूनी लड़ाई लड़ने के दौरान पति के वेतन संबंधी दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन उसे परिवार के अन्य लोगों की संपत्ति की जानकारी नहीं दी सकती।   

कानून का दुरुपयोग न हो, इसलिए कई अपील हुईं खारिज
वहीं, राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने बताया कि सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 8 (1) जे के तहत चाहे वह पति हो या पत्नी, तीसरे पक्ष को जानकारी नहीं दी जा सकती। इसके अलावा विवाद की स्थिति होने पर महिला का हक है कि वह विधिक सहायता लेने के लिए पति की वेतन संबंधी जानकारी मांग सकती है। हालांकि, किसी के व्यक्तिगत जीवन पर प्रभाव डालने वाली जानकारी नहीं दी जा सकती है। राज्य सूचना आयुक्त ने यह भी बताया कि पति की वेतन की जानकारी के अलावा परिवार के अन्य किसी भी सदस्य की जानकारी नहीं दी जा सकती है। बता दें, आरटीआई कानून का बड़े स्तर पर दुरुपयोग भी होने लगा है। पति और ससुराल वालों को प्रताड़ित करने की मंशा से भी महिलाएं उनकी जानकारियां मांग रही हैं। कई मामलों में इन मंशाओं के सामने आ जाने के बाद ऐसी कई अपील खारिज की गई हैं।

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ट्रेन के कोच में खुलेंगे रेस्टोरेंट, इन 11 रेलवे स्टेशनों से होगी पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत

भारतीय रेलवे नए साल के पहले महीने में रेल यात्रियों के लिए एक और खुशखबर लेकर आया है। अब रेलवे स्टेशनों के बाहरी परिसर में ट्रेन के कोच में रेस्टोरेंट खोले जाएंगे। इसकी शुरुआत पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तहत भोपाल, हबीबगंज, इटारसी, बीना सहित 11 स्टेशनों पर की जाएगी।

इस तरह का रेस्टोरेंट भोपाल के होटल लेक व्यू अशोका में भी है। कुछ साल पहले रेलवे से कोच लेकर होटल परिसर में इस तरह का रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा है, लेकिन रेलवे स्टेशन परिसर में ऐसा प्रयोग पहली बार हो रहा है। इस बाबत सीनियर डीसीएम विजय प्रकाश ने बताया कि रेस्टोरेंट ऑन व्हील के लिए प्राइवेट फर्म से प्रस्ताव मंगाने और उनकी स्क्रूटनी के बाद कांट्रैक्ट किए जाएंगे। ऐसे में आम लोगों के लिए इस तरह के रेस्टोरेंट की सुविधा मार्च तक शुरू हो सकेगी। 


पश्चिम-मध्य रेल जोन के जबलपुर, कोटा और भोपाल मंडल के स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या अधिक होती है। ऐसे स्टेशनों के सर्कुलेटिंग एरिया में यात्रियों को नाश्ते और खाने की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। यहां सामान की कीमत बाजार दर के मुताबिक ही होगी। रेस्टोरेंट ऑन व्हील की सुविधा यात्रियों के अलावा अन्य लोग भी ले सकेंगे। 

बता दें, रेलवे के मंडल में विभिन्न स्थानों पर बेकार में खड़े कोच का इस्तेमाल कर इस तरह के रेस्टोरेंट खोले जाएंगे। साथ ही, रेस्टोरेंट में 40 से ज्यादा लोगों के एक साथ बैठकर खाने-पीने की जगह होगी। इसमें स्मॉल किचन और ऑर्डर लेने वाले मैनेजर के लिए भी जगह बनाई जाएगी।

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'कोर्ट में भी देना पड़ता है' लंदन स्पा सेंटर के मालिक से बोला डीएसपी, ऑडियो वायरल

भोपाल में पुलिस की शह पर देह व्यापार का गोरखधंधा चलाए जाने का मामला सामने आया है। अभी 44 दिन पहले ही क्राइम ब्रांच ने कोलार रोड स्थित लंदन इवनिंग स्पा सेंटर पर छापा मारा था। यहां स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार चल रहा था। इसमें मामले में कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच डीएसपी डीएस चौहान ने 6 लोगों को आरोपी भी बनाया था, लेकिन अब उनका ही एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिससे वे कटघरे में आ गए हैं। 






शुरुआती जांच पूरी, पुलिस मुख्यालय भेजी रिपोर्ट
वायरल हो रहे इस ऑडियो में डीएसपी और स्पा सेंटर संचालक के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर बात चल रही है। इसमें डीएसपी यह कहते हुए सुनाई पड़ रहे हैं कि ‘कोर्ट में भी देना पड़ता है’। ऑडियो के वायरल होने के बाद डीएसपी के खिलाफ शुरुआती जांच पूरी कर ली गई है। मामले में डीएसपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई का फैसला शासन स्तर हो इसके लिए जांच की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेज दी गई है।

डीएसपी से नहीं कराया जा रहा कोई काम
वहीं, इस प्रकरण पर भोपाल रेंज के डीआईजी इरशाद वली ने कहा, “दस दिन पहले ही मुझे डीएसपी चौहान के संदिग्ध आचरण का पता चला था। तभी इस संबंध में पुलिस मुख्यालय को  पत्र भेज दिया गया था। ऑडियो वायरल होने के बाद मामले में प्राथमिक जांच कर एक रिपोर्ट बनाई गई है, जिसे पुलिस मुख्यालय भेजा जा रहा है। आगे की कार्रवाई शासन स्तर की जाएगी।” डीआई जी ने बताया कि डीएसपी चौहान हरदा से कुछ महीने पहले ही भोपाल क्राइम ब्रांच में पदस्थ हुए थे। दस दिनों से उनसे कोई काम भी नहीं लिया जा रहा है।   

ऑडियो में सुनाई दे रही हैं ये बातें  
डीएसपी : अरे, राजेंद्र तुम आते क्यों नहीं हो?
संचालक : अरे सर, आ ही रहा था, अनिल की वाइफ का फोन आ गया था।
डीएसपी : जल्दी से आ जाओ लेकर, जल्दी आओ। यहां खड़ा हूं, वल्लभ भवन के सामने।
संचालक : सर, मेरी बात हुई थी उनसे। वो बोल रहे थे कि उतने पैसे नहीं कर पाएंगे। थोड़े बहुत कम वम कर देंगे।
डीएसपी : यार मैं ज्यादा तो नहीं बोल रहा हूं। वो तो कम हैं, और क्या चाहिए?
संचालक : मेरे पास दस हजार रुपए नहीं हो पाएंगे। 7-8 हजार रुपए की बात कर लेता हूं। सर, अब आप कर लीजिए, 50 तो मैंने पहले ही कर दिए हैं।
डीएसपी : वो बात नहीं है यार। चालान का मामला अलग है। वो कोर्ट में भी देना पड़ता है। चल कोई बात नहीं। ले आ तू, ले आ।

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