भोपाल यौन शोषण मामला: खुद को कहलवाता था अब्बू, इस ढंग से बच्चियों को फंसाता था जाल में

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल  Published by: अमित कुमार Updated Mon, 13 Jul 2020 10:50 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासन की नाक के नीचे नाबालिग लड़कियों के शोषण का पूरा रैकेट फलफूल रहा था। मगर किसी को कोई भनक नहीं लगी। खासतौर से नाबालिगों को जाल में फंसाया जाता और फिर उन्हें रसूखदारों के सामने नोंचने के लिए छोड़ दिया जाता। 68 साल का मुख्य आरोपी प्यारे मियां फरार है, जो कि खुद को एक अखबार का मालिक बताता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस सनसनीखेज मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे अभी से होने लगे हैं। वहीं आष्टा से प्यारे मियां की पजेरो गाड़ी बरामद हुई है जो एक खेत में छुपाकर रखी गई थी। 
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रसूखदारों की पार्टी में करता था पेश 
पुलिस के मुताबिक प्यारे मियां नाम के इस शख्स के कई रसूखदार लोगों से संपर्क थे। वह 14 से 16 साल की बच्चियों को अपने जाल में फंसाता और उन्हें रईस लोगों की पार्टी में पेश करता था। इससे पहले वह खुद भी इन नाबालिग बच्चियों के साथ हैवानियत करता। पुलिस ने आधा दर्जन से ज्यादा नाबालिगों को इसके चंगुल से छुड़ा लिया है। हालांकि प्यारे मियां अभी फरार है और उसका पता बताने वाले 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। 


व्यापारी, उद्योगपतियों की उड़ी नींद
जैसे ही यह मामला सामने आया है, तभी से भोपाल के कई बड़े व्यापारी, उद्योगपतियों और बिल्डरों की नींद उड़ गई है। जानकारी के मुताबिक ये लोग लगातार प्यारे मियां के साथ उसके फ्लैट के फॉर्महाउस पर पार्टियां करते थे। माना जा रहा है कि जांच की गहराइयों में जाने पर इसके तार कई बड़े नामों से जुड़ सकते हैं। यहां तक कि यह चर्चित हनी ट्रैप से भी बड़ा कांड साबित हो सकता है। 

गरीब परिवार की लड़कियों को फंसाता था 

अब्बू पुकारती थीं लड़कियां 

नाबालिग लड़कियां प्यारे मियां को अब्बू कहकर पुकारती थीं। पुलिस की पूछताछ में दो लड़कियों ने बताया कि वह अब्बा के घर गई थीं। पुलिस का अनुमान है कि चाइल्ड लाइन और सीडब्ल्यूसी की काउंसलिंग में और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।

काफी डरी हुई हैं बच्चियां
चाइल्ड लाइन की निदेशक अर्चना सहाय के मुताबिक बच्चियों से लंबी बातचीत और काउंसलिंग के बाद उन्होंने सब बताया। आगे भी उनकी काउंसलिंग की जाएगी। अभी बच्चियां काफी डरी हुई हैं। भोपाल के डीआईजी इरशाद अली ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए चार टीम बनाई गई हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद सभी बिंदुओं पर जांच की जाएगी। यदि कोई अन्य बच्चियां भी उसका शिकार हुई है तो प्रकरण में यह तथ्य भी जोड़ा जाएगा। आरोपी की मदद करने वाले या उसके साथ इस अपराध में शामिल लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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