विज्ञापन
विज्ञापन

प्रत्यक्ष न सही लेकिन मंदिर निर्माण में होगी विश्व हिंदू परिषद की अहम भूमिका

इंदुभूषण पांडेय, अयोध्या Updated Sun, 17 Nov 2019 06:02 AM IST
vhp
vhp
ख़बर सुनें
प्रत्यक्ष रूप से न सही लेकिन अयोध्या के श्री राम मंदिर निर्माण में विश्व हिंदू परिषद की भूमिका अहम् होगी। भले ही विहिप के पदाधिकारी कह रहे हैं कि केंद्र सरकार नए ट्रस्ट में विहिप को शामिल करे या न करें वह अपनी भूमिका निभाएंगे लेकिन विहिप के इसके केंद्र में रहने की संभावना है।
विज्ञापन
सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद विराजमान रामलला के संरक्षक के रूप में विहिप से जुड़े रहे त्रिलोकी नाथ पांडेय ही हैं। ऐसे में विहिप की भूमिका अप्रत्यक्ष रूप से राम मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण होगी।

यह सोची समझी रणनीति का हिस्सा हो या फिर दूर दृष्टि लेकिन नब्बे के दशक की एक मजबूत चाल का परिणाम अब सामने आया और न होते हुए भी विहिप श्रीराम मंदिर निर्माण के केंद्र में है। बात साल 1989 से शुरू होती है। निर्मोही अखाड़ा का कहना था कि विवादित स्थान का मालिकाना हक उसका है क्योंकि वो राम के उपासक हैं। इसके बाद ही सीन में अप्रत्यक्ष रूप से  विश्व हिन्दू परिषद से जुड़े लोग आते हैं। 

इन लोगों का मानना था कि ये जमीन रामलला विराजमान की है। रामलला ही इस जमीन के मालिक हैं। और जब रामलला विराजमान स्वयं यहां हैं तो मालिकाना हक जताने वाला कोई दूसरा नहीं हो सकता। 1985 में श्री राम जन्म भूमि न्यास की स्थापना करने में शामिल रहे इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत जस्टिस देवकी नंदन अग्रवाल ने 1989 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। 

वह विहिप के उपाध्यक्ष भी रहे। कहा कि इस मामले में रामलला विराजमान को भी पार्टी बनाया जाए। क्योंकि वो इस जमीन के मालिक और काबिज हैं। जब बात आई कि रामलला विराजमान तो बालरूप में हैं। वह अपना केस लडने अकेले कोर्ट नहीं आ सकते तो जब तक वयस्क न हो जाएं। अगर बालक के साथ कोई वयस्क गार्जियन बन कर कोर्ट आए तो वो बालक रामलला का पक्ष रख सकता है। 

ऐसे में देवकी नंदन अग्रवाल ने रामलला के सखा रूप में गार्जियन बन गए। और 1989 में न्यायालय में रामलला विराजमान तीसरी पार्टी बन गए। निर्मोही अखाड़ा ने पर आपत्ति जताई थी लेकिन आपत्ति खारिज कर दी गई थी। श्री अग्रवाल के न रहने के बाद उनके स्थान पर तीसरे व्यक्ति के रूप में त्रिलोकी नाथ पांडेय उनके स्थान पर कायम मुकाम हुए और फैसले तक वह राम लला के सखा के रूप में अदालत में पैरवी करते रहे। श्री पांडेय भी विश्व हिंदू परिषद के सदस्य रहे हैं। इन दिनों वह विहिप की गतिविधियों के प्रमुख केंद्र कारसेवकपुरम में ही रहते हैं।  

नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुना दिया। जमीन विराजमान रामलला को सौंपने का आदेश दे दिया। कोर्ट से बालरूप राम लला के संरक्षक के रूप में श्री पांडेय ही हैं। अब जब तक केंद्र सरकार ट्रस्ट बनाकर विराजमान राम लला की जमीन को उसे नहीं सौंप देती तब तक श्री पांडेय ही गार्जियन हैं। 

ऐसे में भले ही विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश जी ने कहा कि सरकार हमें ट्रस्ट में शामिल करेगी तो हम अंदर से, वरना बाहर से भूमिका निभाएंगे। प्रत्यक्ष न सही तो अप्रत्यक्ष विहिप की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। राम लला के सखा त्रिलोकी नाथ पांडेय का कहना है कि जब तक ट्रस्ट नहीं बन जाता और प्रापर्टी का कोई होल्डर नहीं बन जाता तब तक मै रहूंगा। 

विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा का कहना है कि सेवानिवृत जस्टिस देवकी नंदन अग्रवाल विहिप के पूर्व उपाध्यक्ष रहे है लेकिन मुकदमा उन्होंने व्यक्गित रूप से लड़ा। बाद में राम लला के सखा के रूप में मुकदमा लडने वाले त्रिलोकीनाथ पांडेय विहिप के पदाधिकारी नहीं पूर्ण कालिक सदस्य हैं। 

हालांकि विहिप सन् 1984 से श्री राम मंदिर आंदोलन की लड़ाई का नेतृत्व करती रही है लेकिन विहिप कभी मुकदमें में सीधे तौर पर पक्षकार बनने को सामने नहीं आई। आंदोलन का संचालन करने से उसकी अहम भूमिका मंदिर निर्माण में भी होना लोग स्वाभाविक जरूर मानते हैं।
विज्ञापन

Recommended

सब कुशल मंगल के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में गूंजे दर्शकों के ठहाके
सब कुशल मंगल

सब कुशल मंगल के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में गूंजे दर्शकों के ठहाके

ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
Astrology Services

ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Lucknow

दो साल में तीसरी बार चर्चा में उन्नाव, हर बार गिरी पुलिस पर गाज

उन्नाव पिछले दो साल में तीसरी बार सुर्खियों में है।

8 दिसंबर 2019

विज्ञापन

उन्नाव केस | उन्नाव पीड़िता के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और घर देगी योगी सरकार

उन्नाव मामले में पीड़िता की मौत के बाद देशभर में गुस्से का माहौल है। वहीं अब योगी सरकार ने परिवार को मुआवजे का ऐलान किया है।

7 दिसंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls
Niine

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election