बिजली बिल अनियमितता की एसटीएफ करेगी जांच : ऊर्जा मंत्री

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 11 Jan 2021 10:12 PM IST
गोमतीनगर स्थित मंत्री आवास उपकेंद्र का निरीक्षण करते ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा
गोमतीनगर स्थित मंत्री आवास उपकेंद्र का निरीक्षण करते ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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बिजली बिलों की अनियमितताओं को सरकार ने गंभीरता से लिया है। एसटीएफ से इसकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया गया है। सोमवार को गोमतीनगर स्थित मंत्री आवास उपकेंद्र के निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ये बातें कहीं।
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गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ ने सोमवार को ‘लाखों रुपये का बिजली बिल घटाकर बना दिया हजारों का’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर लेसा सिस के चौक खंड में अभियंताओं द्वारा बिल में रकम कम करने के खेल का खुलासा किया था। ऊर्जा मंत्री ने इस पर संज्ञान लेकर पूरे मामले की जांच कराने के मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक सूर्यपाल गंगवार को निर्देश दिए। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाली बिलिंग एजेंसी के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि गलत बिलिंग और बिजली बिलों में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें आ रही हैं। पूरे प्रकरण में घोर अनियमितता व भ्रष्टाचार हुआ है। मुख्यमंत्री से उपभोक्ता हित में इसकी एसटीएफ से जांच कराने का अनुरोध किया गया है। उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।


31 तक शत प्रतिशत हो डाउनलोडेबल बिलिंग
मंत्री ने कहा कि बिलिंग में गड़बड़ी, गलत बिलिंग की शिकायत डाउनलोडेबल बिलिंग न होने से आ रही है। उन्होंने गोमती नगर के अफसरों को 31 जनवरी तक शत प्रतिशत उपभोक्ताओं की बिलिंग डाउनलोडेबल करने के निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री ने बिलिंग एजेंसियों को किए भुगतान का भी ऑडिट कराने के निर्देश दिए।
 

बिजली उपभोक्ताओं की जमा जमानत राशि पर दिलाएं ब्याज

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने ऊर्जा मंत्री से बिजली कंपनियों में उपभोक्ताओं की जमा जमानत राशि पर ब्याज दिलाने की मांग की है। उपभोक्ता परिषद का कहना है कि बिलिंग सिस्टम में जीरो फीड होने की वजह से प्रदेश के लगभग 60 लाख बिजली उपभोक्ताओं के पांच साल बाद भी जमानत राशि पर ब्याज नहीं मिल पा रहा है। यह विद्युत अधिनियम 2003 व विद्युत वितरण संहिता 2005 के प्रावधानों का खुला उल्लंघन भी है।

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने सोमवार को ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से मिलकर लोकमहत्व प्रस्ताव सौंपते हुए यह मुददा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 3 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं में से लगभग 60 लाख को उनकी जमा जमानत राशि पर कई वर्षों से ब्याज न मिलना चिंता का विषय है। बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं की जमानत राशि का लगभग 100 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं जिस पर नियमानुसार उन्हें ब्याज दिलाया जाए और इस गड़बड़ी के लिए जो भी जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ कार्रवाई हो। उधर ऊर्जामंत्री ने अपर मुख्यसचिव ऊर्जा व पावर कार्पोरेशन केअध्यक्ष को तत्काल जमानत राशि पर ब्याज दिलाने के निर्देश दिए। पावर कार्पोरेशन के निदेशक वाणिजय ने उपभोक्ता परिषद को बताया जल्द सभी 60 लाख उपभोक्ताओं को जमानत राशि पर ब्याज दिया जाएगा। उनकी जमा जमानत राशि को बिलिंग सिस्टम में फीड कराया जा रहा जिससे भविष्य में भी उन्हें हर साल ब्याज मिलता रहे।
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