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लोकबन्धु अस्पताल में लेवल-2 के मरीजों की तीसरे दिन ही बिगड़ रही हालत

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Apr 2021 02:01 AM IST
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लोकबुध अस्पताल में नहीं है लेवल-3 ग्रेड के संसाधन।
लोकबुध अस्पताल में नहीं है लेवल-3 ग्रेड के संसाधन। - फोटो : ??? ?????

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हिमांशु अवस्थी
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गोमतीनगर के रहने वाले 62 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी करीब 10 दिन पहले पॉजिटिव हुए। शुगर व बीपी समेत असाध्य बीमारी की शिकायत के बाद उन्हें लेवल-3 ग्रेड में शिफ्ट कराया जाना था।
पर बेड न मिलने पर लेवल-2 में भर्ती करा दिया गया। सटीक इलाज न मिलने के चलते तीन पहले उनकी मौत हो गई।
इंदिरा नगर निवासी एक बुजुर्ग को कोविड कमांड सेंटर से लेवल-2 ग्रेड के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दो दिन बाद हालत बिगड़ी तो डॉक्टरों ने मरीज को पीजीआई समेत लेवल-3 के संस्थानों में भर्ती के लिए अनुरोध किया, पर बेड न खाली होने की बात कही गई। इलाज न मिलने से उनकी जान चली गई।

आलमबाग में चंदर नगर निवासी पंकज पांडेय (51) को दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुगर होने के चलते एक दिन बाद ही उनका ऑक्सीजन लेवल गिरने लगा।
लेवल-3 में भर्ती के लिए अस्पताल ने लेटर भेजा, पर मामला सिफर रहा। इस पर मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया, पर जान नहीं बचाई जा सकी।
राजधानी में लेवल-2 ग्रेड के कोविड हॉस्पिटल लोकबंधु में हफ्तेभर में संसाधन के अभाव में नौ गंभीर मरीजों की सांसें उखड़ चुकी हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि लेवल-2 में भर्ती होने वालों में 70 फीसदी मरीजों की हालत तीसरे या चौथे दिन ही गंभीर हो जा रही है।
लोकबंधु में लेवल-3 ग्रेड के संसाधन न होने से ऐसे मरीजों को बचाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, केजीएमयू में लेवल-2 के मरीज चौथे या पांचवें दिन लेवल-3 में पहुंच रहे हैं।
लोकबंधु अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि मरीजों को लेवल-3 में भर्ती कराने के लिए कोविड कमांड सेंटर से लेकर चिकित्सा संस्थानों से संपर्क किया, पर सभी ने बेड की उपलब्धता न होने की बात कही।
वहीं, परिवारीजनों ने आरोप लगाया कि है कि अगर मरीजों को पहले ही लेवल-3 ग्रेड के अस्पतालों में भर्ती कराया जाता तो जान बच सकती थी। जान गंवाने वालों में कई युवा वर्ग के भी थे। लोकबंधु की
सीएमएस डॉ. अमिता यादव के मुताबिक, कई मरीज लेवल-2 में गंभीर मरीज आते हैं और तेजी से लेवल-3 में पहुंच रहे हैं।
तेजी से गिर रहा ऑक्सीजन लेवल
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कोविड की दूसरी लहर की चपेट में आने वाले मरीज जल्द ही वेंटिलेटर सपोर्ट पर जा रहे हैं। कोराना का म्यूटेंट काफी घातक है। इस बार भर्ती होने के दूसरे या तीसरे दिन ही मरीज की हालत बिगड़ रही है और ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिर रहा है।
लेवल-2 के 70 फीसदी मरीज जा रहे लेवल-3 में
लोकबंधु अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की हालत तीसरे या चौथे दिन बिगड़ रही है। अफसरों का कहना है कि करीब 70 फीसदी मरीज लेवल-2 से लेवल-3 में पहुंच रहे हैं। लेवल-3 ग्रेड की सुविधा न होने के चलते उनकी जान बचाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. संदीप तिवारी के मुताबिक, लेवल-2 के मरीज चौथे या पांचवें दिन लेवल-3 में पहुंच ज रहे हैं।

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