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नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गैंग का भंड़ाफोड़, दो गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहराइच Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 11 Mar 2021 07:41 PM IST
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ठगी
ठगी - फोटो : अमर उजाला
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सुपरवाइजर व सिक्योरिटी गार्ड के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का देहात कोतवाली व एसओजी की संयुक्त टीम ने भंड़ाफोड़ किया है। टीम ने गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से फर्जी नियुक्ति पत्र व अन्य फर्जी दस्तावेज भी बरामद हुए है। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया। एसपी ने सफलता पाने वाली टीम को 25 हजार रूपये नगद इनाम देकर उत्साहवर्धन किया।
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बलरामपुर जिले के रेहरा थाना क्षेत्र के सराम खास लोहार निवासी पप्पू वर्मा पुत्र ज्वाला प्रसाद वर्मा ने कस्तूरबा विद्यालय में सिक्योरिटी गार्ड पद पर नियुक्त होने के लिए 40 हजार व श्रावस्ती जिले के गिलौला थाना क्षेत्र के सिविखा निवासी उदय प्रकाश शुक्ला पुत्र विनय ने भी सिक्योरिटी गार्ड पर भर्ती होने के 10 हजार रूपये मां पाटेश्वरी कंट्रक्सन एंड सिक्योरिटी सर्विस के नाम से फर्म को देहात कोतवाली क्षेत्र के कस्तूरबा विद्यालय के आसपास पैसा दिया था। काफी दिन बीत जाने के बाद जब दोनों को नौकरी नहीं मिली तो पैसे की मांग की।


जब फर्म द्वारा पैसे वापस नहीं किए गए तो पीड़ितों ने देहात कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया और न्याय पाने के लिए एसपी के पास गुहार लगाई। एसपी ने देहात कोतवाल ओपी चौहान व एसओजी टीम प्रभारी निखिल श्रीवास्तव को घटना का खुलासा करने का निर्देश दिया। संयुक्त टीम ने मुखबिर का जाल बिछाया। तभी मुखबिर से पता चला कि फर्म के दो लोग बहराइच में नौकरी दिलाने के नाम पर किसी से पैसे लेने आ रहे है।

मुखबिर की सूचना पर संयुक्त टीम ने गोलवाघाट के पास चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक सफेद ब्रेजा कार आती हुई दिखाई पड़ी और पुलिस को देखकर भागने लगी। इस पर टीम ने घेराबंदी करते हुए दबोच लिया। तलाशी ली तो फर्जी नियुक्ति पत्र, लैपटाप, चार मुहर व एक रसीद बुक मिला। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने नौकरी के नाम पर ठगी करने की बात को स्वीकार किया है।

आरोपियों की पहचान गोंडा जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र के सलनामीपुरवा बाबागंज निवासी अवधेश मिश्रा व दूसरे आरोपी की पहचान हरदोई जिले के बेनीगंज थाना क्षेत्र के बाने कुइया निवासी देवेंद्र शुक्ला के रूप में हुई। दोनों को मुकदमें में नामजद करते हुए पुलिस ने जेल भेज दिया। एसपी विपिन मिश्रा ने ठगी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को 25 हजार रूपये नगद देकर उत्साहवर्धन किया है। 

जेल से छूटते ही पुलिस ने फिर दबोचा 
हरदोई जिले के बेनीगंज थाना क्षेत्र के बाने कुइया निवासी देवेंद्र शुक्ला पिछले दो दिनों से आर्म्स एक्ट में जेल  में बंद था। गुरूवार को जेल से बाहर निकलने के बाद पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर लिया। 

पद के अनुसार तय था भर्ती का रेट 
एसओजी प्रभारी निखिल श्रीवास्तव ने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि सिक्योरिटी गार्ड पद के लिए 10 हजार, सुपरवाइजर पद के लिए 40 हजार, एनआरएचएम में बाबू पद के लिए पांच लाख, चपरासी पद के लिए साढ़े तीन लाख रूपये तय था। इसी के अनुसार लोगों से ठगी की जाती थी।

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