Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow ›   For the first time, the selection of lakhpal will be done at the state level, 7000 posts are vacant

पहली बार राज्य स्तर पर होगा लेखपालों का चयन, 7000 पद खाली

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 24 Sep 2020 09:24 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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प्रदेश में पहली बार राजस्व लेखपालों की चयन की कार्यवाही राज्य स्तरीय व्यवस्था में करने की तैयारी है। इस प्रक्रिया से कई तरह की विसंगतियां बढ़ने की आशंका है। प्रदेश में राजस्व लेखपालों के 7,000 से अधिक पद रिक्त हैं। लेखपाल समूह ‘ग’ के ग्रेड पे-2000 के कर्मी हैं और इनका काडर जिला स्तर का है। पिछली बार लेखपालों की लिखित परीक्षा राजस्व परिषद के स्तर से कराई गई थी। भर्ती में इंटरव्यू की व्यवस्था थी। परिषद ने काडर जिला स्तर का होने की वजह से लिखित परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की जिले वार सूची तैयार कर चयन से जुड़ी कार्यवाही के लिए जिलों को भेज दी थी।
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जिलाधिकारियों की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इंटरव्यू किया और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्राधिकारी के रूप में उपजिलाधिकारियों ने नियुक्ति दी थी।
प्रदेश में पहली बार लेखपालों की भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से कराने की कार्यवाही शुरू की गई है। परिषद ने भर्ती प्रस्ताव आयोग को भेज दिया है। आयोग राज्य स्तर पर भर्ती कार्यवाही करता है और चयन की पूरी प्रक्रिया आयोग के स्तर से संपन्न होगी। आयोग आवेदन के समय जिले का विकल्प नहीं लेता है और लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर प्रदेश स्तर की चयन सूची तैयार करता है। बताया जा रहा है आयोग की नियमावली में जिले स्तर की चयन सूची तैयार करने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में आयोग ने अपनी प्रक्रिया में फेरबदल नहीं किया तो लेखपालों का भी चयन कर प्रदेश स्तर की मेरिट तैयार कर राजस्व परिषद को भेजने की कार्यवाही करेगा। ऐसे में आगे लेखपालों की नियुक्ति जिले स्तर पर, मंडल स्तर पर या प्रदेश स्तर पर किस तरह हो, यह राजस्व परिषद को तय करना होगा।


आर्थिक चुनौतियां बढ़ेंगी
राजस्व लेखपालों का चयन यदि मंडल या राज्य स्तर पर होता है तो इससे नवनियुक्त कर्मियों की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। 2,000 ग्रेड पे का कर्मी होने की वजह से महंगाई के दौर में दूसरे जिलों में नियुक्ति से आर्थिक व पारिवारिक समस्याएं शुरू होंगी। बेसिक शिक्षकों की तरह नियुक्ति के बाद से ही जिले व मंडल में तबादलों का प्रयास शुरू करने को मजबूर होंगे। लेखपालों की पिछली भर्ती में कई जिलों में कम पद होने से तमाम अभ्यर्थियों ने दूसरे जिलों के लिए आवेदन कर दिया था। दूसरे जिले में नियुक्त भी हो गए। ऐसे अभ्यर्थी अपने गृह मंडल व जिलों को जाने के लिए तभी से प्रयासरत हैं। लंबी लिखा-पढ़ी के बाद गृह मंडल में जाने की अनुमति दी गई। पर, अभी भी बड़ी संख्या में कर्मी अपने घरों को लौटने के लिए जिले से राजस्व परिषद तक का चक्कर काट रहे हैं।

इस तरह का विकल्प समस्या का कर सकता है समाधान
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राजस्व परिषद चयनित लेखपालों की सूची पाने के बाद चयन प्रक्रिया का प्रशासनिक  स्तर पर निर्धारण कर सकता है। आयोग ऑनलाइन प्रक्रिया तय कर चयनित अभ्यर्थियों से जिलों की प्राथमिकता मांग ले। इसके बाद जिलों में श्रेणीवार रिक्तियों पर चयन सूची की मेरिट से अभ्यर्थियों के विकल्प पर नियुक्ति दे। इसके अलावा भी कोई प्रक्रिया तय कर इस समस्या का समाधान कर सकता है।
 

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