लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Finance Minister Suresh Kumar Khanna will present the fourth budget of Yogi government

उत्तर प्रदेश : योगी सरकार का चौथा बजट आज, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना करेंगे पेश

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: अवधेश कुमार Updated Tue, 18 Feb 2020 01:14 AM IST
सार

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना मंगलवार को विधानसभा में योगी सरकार का चौथा बजट पेश करेंगे। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए प्रस्तावित बजट से प्रदेश को बड़ी उम्मीदें हैं।

कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना मंगलवार को विधानसभा में योगी सरकार का चौथा बजट पेश करेंगे। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए प्रस्तावित बजट से प्रदेश को बड़ी उम्मीदें हैं। बजट आकार 5.12 लाख करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष का बजट 4.79 लाख करोड़ का था जो अनुपूरक के साथ बढ़कर 4.97 हजार करोड़ रुपये पार कर गया है। इसमें युवाओं को पढ़ाई के अवसर और रोजगार पर फोकस के साथ कृषि और किसान, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, बेटियों के प्रोत्साहन और अयोध्या, मथुरा, वाराणसी के विकास व धार्मिक-सांस्कृतिक  एजेंडे को पूरा महत्व मिलने की संभावना है। 


सामाजिक समीकरण साधने के लिए सरकार जाति-समाज पर केंद्रित कुछेक योजनाओं का एलान भी कर सकती है। सरकार ने पहले बजट में कृषि ऋणमाफी का एलान किया था। पिछले तीन बजट में लगातार पात्र किसानों का ऋण माफ करने के लिए बजट दिया गया। सरकार अब 45.20 लाख किसानों का ऋण माफ कर 25,215 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान कर चुकी है। अभी भी पात्र किसानों की ऋणमाफी की कार्यवाही चल रही है। नए बजट में इस मद में बड़े आवंटन की संभावना नजर नहीं आ रही है। लेकिन सरकार का किसानों पर फोकस स्पष्ट नजर आएगा। 


इस बजट में किसानों की खेती की लागत कम करने के लिए कई घोषणाएं संभव हैं। करीब दो लाख किसानों के ट्यूबवेल के सौर ऊर्जीकरण का एलान हो सकता है। गंगा नदी के किनारे जीरो बजट की प्राकृतिक  खेती के लिए भी नई योजना आ सकती है। सरकार ने पिछले दिनों गंगा यात्रा के दौरान इसका एलान किया था। निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए पशु आश्रय स्थलों के निर्माण के लिए भी बजट मिलना तय है। 

सरकार 2025 तक पशुओं को सभी बीमारियों से मुक्त करने और देशी पशुओं के ब्रीड सुधार की योजना भी ला सकती है। औद्यानिक फसलों को प्रोत्साहन व बर्बादी रोकने के लिए शीतगृह, कोल्डचेन, मार्केटिंग व इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास तथा दुग्ध प्रसंस्करण की क्षमता दो गुना करने के लिए पीपीपी मॉडल पर नई स्कीम लाए जाने की संभावना है। दूसरे बजट का फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर था। तब से अब तक सरकार ने चार नए एक्सप्रेस-वे का एलान किया है। 

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे सहित सभी पांच एक्सप्रेस-वे के काम को तय रणनीति के तहत आगे बढ़ाने और पूरा करने के लिए बजट मिलना तय है। जेवर व अयोध्या के अलावा कई नए एयरपोर्ट व और पूर्व से चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट के अलावा गोरखपुर व वाराणसी में मोनो रेल का एलान हो सकता है। लोक निर्माण विभाग को सड़क व पुल निर्माण व ऊर्जा विभाग को चल रहे प्रोजेक्ट आगे बढ़ाने व ऋण अदायगी के लिए पूर्व की तरह आवंटन मिलने की संभावना है।

सरकार ने इस बजट को युवाओं की पढ़ाई व रोजगार के अवसर बढ़ाने को ध्यान में रखकर तैयार किया है। इसके लिए राज्य विश्वविद्यालय, मेडिकल, फोरेंसिक व आयुष सहित सात सात नए विश्वविद्यालय और करीब 10 नए मेडिकल कालेज को बजट मिल सकता है। पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए इंटर्नशिप स्कीम इस बजट का मुख्य आकर्षण साबित हो सकती है। 

युवाओं के प्लेसमेंट के लिए कर्नाटक की तरह प्लेसमेंट हब बनाने की भी घोषणा संभव है। तीसरा बजट महिलाओं व बेटियों पर केंद्रित था। सरकार ने कन्या सुमंगला योजना का एलान किया था। नए बजट में भी इस योजना के लिए बड़ा आवंटन तय है। अयोध्या, मथुरा, काशी, विंध्याचल और चित्रकूट के पर्यटन विकास के लिए कई योजनाओं का एलान हो सकता है।   

हर-घर जल, ओडीएफ प्लस, पाइप पेयजल, आवास से ग्रामीणों का ख्याल

सरकार के चौथे बजट का एक सबसे बड़ा एलान हर-घर जल योजना होगी। इसके लिए प्रस्तावित जल शक्ति मिशन के लिए भारी-भरकम आवंटन का प्रस्ताव है। इसी तरह खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) अभियान के अंतर्गत शौचालय निर्माण व व्यवहार परिवर्तन के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए ओडीएफ प्लस योजना का एलान हो सकता है। पीएम आवास योजना से छूटे पात्र परिवारों के आवास निर्माण का काम जारी रहेगा।

झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम योजना का एलान संभव

अनुसूचित जातियों को साधने के लिए सरकार झलकारी बाई कोरी हथकरघा योजना का एलान कर सकती है। अनुसूचित जाति के बुनकरों व उनके संगठनों को उन्नत किस्म के हथकरघा पिटलूम व फ्रेमलूम तथा ऑटोमेटिक  शटललेस/ रैपियर लूम खरीदने के लिए अनुदान दिया जा सकता है। हथकरघा बुनकरों की समिति, स्वयं सहायता समूह व व्यक्तिगत बुनकरों को पिटलूम व फ्रमेलूम खरीदने पर अनुदान दिया जा सकता है। बुनकरों की ट्रेनिंग व हथकरघा कार्यशाला के निर्माण पर भी अनुदान संभव है। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00