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Lucknow News: भारत के स्वर्णिम सपनों की शान तिरंगा है ....अवध शिल्प ग्राम सांस्कृतिक संध्या के साथ कवि सम्मेलन

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 25 Jan 2023 08:30 AM IST
culutural night
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लखनऊ। यूपी दिवस पर अवध शिल्पग्राम का मंच जहां एक ओर पुरस्कार व सम्मान समारोह की आभा से दमका तो वहीं शाम होते ही सांस्कृतिक आयोजनों की छटा के साथ कविताओं की गूंज भी सुनाई दी। भक्ति गीतों के गायक कन्हैया मित्तल के गीतों का जादू इस कदर सिर चढ़कर बोला कि मंच पर कन्हैया प्रस्तुति देते हुए झूम रहे थे तो मंच के नीचे श्रोता झूमते नजर आए।

खड़ी बोली में डॉ. हरिओम पंवार ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कविताएं सुनाईं। अवधी की कविताएं बाराबंकी के विकास बौखल, ब्रज में आगरा की पूनम शर्मा, बुंदेली में झांसी से आए अर्जुन सिंह चांद, जौनपुर के बिहारी लाल अंबर ने भोजपुरी में और संस्कृत में प्रयागराज से आए राजन त्रिपाठी रसराज ने कविताएं सुनाईं। कवि सम्मेलन का संचालन करते हुए गजेन्द्र सोलंकी ने कुछ यूं शुरुआत की। उन्होंने सुनाया ‘जन गण मन केअमर स्वरों का गान तिरंगा है, भारत के स्वर्णिम सपनों की शान तिरंगा है।’

डॉ. हरिओम पंवार ने मंच संभाला तो सुनाया, ‘जो भी कौम वतन की खातिर, मरने को तैयार नहीं, उसकी संतति को आजादी, जीने का अधिकार नहीं।’ विकास बौखल ने कुछ यूं श्रोताओं को जोड़ा, सुनाया- बलिदानों की ये परिपाटी भूले ना कोई याद रहे। बापू की मूरत आंखों में हर दिल में आजाद रहे। हिंदू मुस्लिम सिक्ख ईसाई मिलकर इसे संवारें सब, युगों-युगों तक अपना भारत दुनिया में आबाद रहे। विख्यात मिश्र ने ‘ज्वाला सी धधकती रहे जो कर्म पंथ पर, क्रांति की अपूर्व नौजवानी को नमन है, सुनाया।’ अर्जुन सिंह चांद ने आल्हा ऊदल की जई धरती रजधानी, अंग्रेजन केशीश उतारे झांसी वाली रानी..., सुनाकर माहौल में क्रांति और जोश सा भर दिया।
प्रणव सिंह ने सुनाया स्थापना दिवस गीत
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शृंखला में पहले दिन वाराणसी से आए प्रणव सिंह ने स्थापना दिवस गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद ढेढिया नृत्य पर आनंद किशोर और उनकी टीम ने प्रस्तुति दी। अगली कड़ी में वाराणसी से आए ब्रजभान ने करमा नृत्य, कानपुर केविपिन निगम ने कथक नृत्य नाटिका, राइजिंग मलंग ग्रुप ने त्रिधारा की प्रस्तुति दी।
यूपी पहुंचा विश्व पटल पर....
कन्हैया मित्तल ने सुनाया भीगी पलकों ने श्याम पुकारा है, कहां हो सांवरिया अब मुझे देना सहारा है...इसके बाद तो श्रोताओं ने खुद ही गीत की मांग शुरू कर दी। जैसे ही गूंजा.. यूपी पहुंचा विश्व पटल पर...सभी सुर में सुर मिलाने लगे। हारा हूं बाबा पर तुम पर भरोसा है, जीतूंगा एक दिन दिल ये कहता है....के साथ-साथ कई गीत सुनाए।
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