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जगतपुर थाना क्षेत्र के हेवतहा नेवढ़िया गांव में वारदात

Updated Sat, 03 Jun 2017 11:48 PM IST
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भूमि विवाद में युवक की हत्या
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- हेवतहा नेवढ़िया गांव में वारदात, कुल्हाड़ी से सिर और दोनों हाथ काटे
- मृतक के बेटे ने महिला समेत दो के खिलाफ दर्ज कराई थी अपहरण की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
जगतपुर (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में भूमि विवाद में युवक की हत्या कर दी गई। इसौर नाले के पास शनिवार सुबह उसका शव मिलने से सनसनी फैल गई। कुल्हाड़ी से वार करके उसका सिर और दोनों हाथ काट दिए गए थे। पुलिस ने घटना की जांच की और शव को कब्जे में लिया।
जगतपुर थाना क्षेत्र के भनवामऊ गांव निवासी राजेंद्र (40) पुत्र रघुराज एक्ससाइड लाइफ इश्योरेंस कंपनी में एजेंट था। राजेंद्र गांव की रहने वाली बिटाना की एक बीघा छह बिस्वा जमीन बड़ी करौती गांव निवासी देशराज के माध्यम से जमीन खरीद रहा था। उसने एडवांस में एक लाख 80 हजार रुपये बिटाना को दे दिए थे। बावजूद बिटाना जमीन का बैनामा नहीं करा रहा था। 2 मई 2017 को बैनामा कराने के लिए राजेंद्र को ऊंचाहार तहसील बुलाया, लेकिन बैनामा नहीं कराया। देशराज ने फोन करके उसे लक्ष्मनपुर बुलाया था। इसके बाद से राजेंद्र लापता हो गया था। खोजबीन के बाद उसका कोई पता नहीं लग पाया था। 22 मई को राजेंद्र के बेटे राजा ने बिटाना और देशराज पर पिता का अपहरण किए जाने की रिपोर्ट लिखाई थी।

हेवतहा नेवढ़िया गांव के पास शनिवार सुबह एजेंट राजेंद्र का शव इसौर नाले के पास मिलने से सनसनी फैल गई। शव जमीन में दफनाया गया था। उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी। कुल्हाड़ी से सिर और दोनों हाथ काटकर अलग कर दिए थे। सूचना पर सीओ एसपी उपाध्याय व थानेदार रविंद्र मिश्रा ने पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस को कुल्हाड़ी भी बरामद हुई। सीओ का कहना है कि भूमि विवाद में हत्या की गई है। इस मामले में पहले ही महिला समेत दो लोगों पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज है। पता लगाया जा रहा है कि वारदात में कौन-कौन शामिल था। पुलिस जांच में सामने आया है कि सुपारी देकर एजेंट का कत्ल कराया गया।
इनसेट
खाकी तेजी दिखाती तो बच जाती एजेंट की जान
एजेंट हत्याकांड ने जगतपुर पुलिस की लापरवाही की कलई भी खोल दी है। 2 मई 2017 को एजेंट लापता हो गया था। 3 मई को थाने में गुमशुदगी लिखाई गई थी। इसके बाद 22 मई को बिटाना व देशराज पर अपहरण करने की रिपोर्ट लिखाई गई। लोगों का कहना है कि, पुलिस ने केस तो दर्ज किया, लेकिन बिटाना व देशराज को पकड़कर सख्ती से पेश नहीं आई। यदि पुलिस तेजी दिखाती तो एजेंट को बचाया जा सकता था।

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