लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow ›   Abu Salem sentenced to three years in the fake passport case by special CBI court

Abu Salem: अबु सलेम और ट्रेवल एजेंट को 3-3 साल की कैद, सीबीआई की विशेष कोर्ट ने सुनाया फैसला

अमर उजाला, न्यूज डेस्क, लखनऊ Published by: अनुराग सक्सेना Updated Wed, 28 Sep 2022 12:53 AM IST
सार

अबू सलेम उर्फ अब्दुल कयूम अंसारी ने वर्ष 1993 में अपने साथियों परवेज आलम व समीरा जुमानी के साथ मिलकर लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय में अकील अहमद आजमी के नाम से पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था।

abu salem
abu salem
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

फर्जी नाम और पते पर पासपोर्ट बनवाने के मामले में डॉन अबु सलेम और ट्रेवल एजेंट परवेज आलम को सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट समृद्धि मिश्रा ने तीन-तीन साल के कारावास की सजा मंगलवार को सुनाई है। कोर्ट ने अबू सलेम पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। वहीं परवेज आलम पर अबू सलेम व उसकी पत्नी समीरा जुमानी के लिए फर्जी पासपोर्ट बनवाने के आरोप में 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।



इससे पहले आरोपी परवेज कोर्ट में हाजिर हुआ जबकि अन्य मामले में महाराष्ट्र की तलोजा जेल में बंद अबु सलेम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाते हुए कहा कि अबु सलेम ने विदेश यात्रा करने के लिए खुद का और पत्नी समीरा जुमानी का फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए ट्रेवल एजेंट परवेज आलम की मदद ली। परवेज ने अबु सलेम का नाम अकील अहमद आजमी और समीरा की जगह सबीना आजमी लिखने के अलावा फर्जी दस्तावेज लगाकर पासपोर्ट का आवेदन किया जबकि परवेज यह जानता था कि वह गलत तथ्य दर्ज कर रहा है। परवेज ने एएसपी आजमगढ़ के फर्जी दस्तखत किए और मोहर लगाकर पासपोर्ट बनवाया।


सजा सुनाए जाने के बाद परवेज आलम की ओर से कोर्ट में अंतरिम जमानत की अर्जी देकर कहा गया कि उसे इस फैसले के खिलाफ सत्र अदालत में अपील दाखिल करनी है। लिहाजा अपील दायर करने की अवधि तक के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए। इस पर कोर्ट ने उसकी अर्जी को स्वीकार करते हुए उसे 20-20 हजार रुपये की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया है। 

यह है मामला 
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक दीप कुमार श्रीवास्तव ने कोर्ट में बताया कि वर्ष 1993 में मुंबई बम ब्लास्ट मामले की जांच में पता चला था कि अबु सलेम ने लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय में साथी परवेज आलम और समीरा जुमानी के साथ मिलकर षड्यंत्र किया। उसने यहां से फर्जी नाम-पते के कूटरचित दस्तावेज के जरिए पासपोर्ट हासिल किया। बाद में सलेम ने इस पासपोर्ट का इस्तेमाल किया। इस मामले की विवेचना सीबीआई सौंपी गई थी।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00