मैंने चाहा कि मेरे घर में पूरे दिन, चहचहाने वाली चिड़िया कहीं दूर उड़ जाए - रॉबर्ट फ़्रॉस्ट

robert frost poetry in hindi nanhi chidiya
                
                                                             
                            

मैंने चाहा कि मेरे घर में पूरे दिन,
चहचहाने वाली चिड़िया कहीं दूर उड़ जाए ;

जब मुझे लगा कि मैं उसे और नहीं सहन कर सकता
तो मैंने उसे भगाने को दरवाज़े से तालियां बजायीं।

एक हद तक इसमें मेरी ही गलती है
चिड़िया को इसके लिए दोषी नहीं कहा जाना चाहिए था।

और वस्तुत: गडबडी इसमें है कि हम किसी का गाना
बंद करा देना चाहें।

3 months ago

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