आपका शहर Close
Hindi News ›   Kavya ›   Vishwa Kavya ›   parveen shakir famous poetry uske hath uske chehre se bees sal bade the
उसके हाथ उसके चेहरे से बीस साल बड़े थे : परवीन शाकिर

विश्व काव्य

उसके हाथ उसके चेहरे से बीस साल बड़े थे : परवीन शाकिर

अमर उजाला, काव्य डेस्क, नई दिल्ली

149 Views
टाट के पर्दों के पीछे से
एक बारह-तेर साला चेहरा झाँका
वह चेहरा
बहार के फूल की तरह ताज़ा था
और आँखें
पहली मौहब्बत की तरह शफ़्फ़ाक़
लेकिन उसके हाथ में
तरकारी काटते रहने की लकीरें थीं
और उन लकीरों में
बर्तन माँझने वाली राख जमी थी
उसके हाथ
उसके चेहरे से बीस साल बड़े थे ।
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!