आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Vishwa Kavya ›   Octavio Paz poetry on human touch and life
Octavio Paz poetry on human touch and life

विश्व काव्य

ओक्ताविओ पाज़: मेरे हाथ खोलते हैं तुम्हारे अस्तित्व के पर्दे...

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली

358 Views
स्पेनी कविता

-ओक्ताविओ पाज़-


स्पर्श 

मेरे हाथ
खोलते हैं
तुम्हारे अस्तित्व के पर्दे।

पहनाते हैं
नग्नता से परे का
परिधान।

उघाड़ते हैं
तुम्हारी देह के भीतर की
देहमालाएं।

मेरे हाथ
आविष्कार करते हैं
तुम्हारी देह के लिए
एक दूसरी देह का।
Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!