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न ही प्रेम पर किसी का नियंत्रण होता है - खलील जिब्रान

kahlil gibran poem on love
                
                                                                                 
                            

 किसी पर नियंत्रण नहीं रखता


न ही प्रेम पर किसी का नियंत्रण होता है

तब अलमित्रा ने कहा,
हमें प्रेम के विषय में बताओ
तब उसने अपना सिर उठाया
और उन लोगों की ओर देखा
उन सबों पर शांति बरस पड़ी
फिर उसने गंभीर स्वर में कहा

प्रेम का संकेत मिलते ही अनुगामी बन जाओ उसका
हालाँकि उसके रास्ते कठिन और दुर्गम हैं
और जब उसकी बाँहें घेरें तुम्हें
समर्पण कर दो

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3 years ago

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