तूने प्यार दिया, इसलिए मैं भी तुझे प्यार देता हूँ -वाल्ट ह्विटमैन

 वाल्ट व्हिटमैन
                
                                                             
                            मैं देह का कवि हूँ और आत्मा का कवि,
                                                                     
                            
स्वर्ग के सुख मेरे पास हैं और नर्क की पीड़ाएँ मेरे साथ,
सुखों को मैं बुनता हूँ और उन्हें बढ़ाता हूँ,
दुःखों कों नई भाषा में बदल देता हूँ। आगे पढ़ें

उतना ही स्त्री का कवि हूँ जितना कि पुरुष का

3 years ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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