सोशल मीडिया शायरी: ख़तरे के निशान से ऊपर बह रहा है उम्र का पानी

सोशल मीडिया शायरी: ख़तरे के निशान से ऊपर बह रहा है उम्र का पानी
                
                                                             
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मुझे हर किसी को अपना बनाने का हुनर आता है
तभी मेरे बदन पर रोज़ एक घाव नया नज़र आता है             

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ख़तरे के निशान से ऊपर बह रहा है उम्र का पानी
वक़्त की बरसात है कि थमने का नाम नहीं ले रही।      आगे पढ़ें

2 weeks ago
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