विज्ञापन

Social Media Poetry: सिर्फ एक दिन बचा अभी तक, राखी नहीं मिली सन्नो की

सोशल मीडिया
                
                                                                                 
                            सिर्फ एक दिन बचा
                                                                                                

अभी तक,
राखी नहीं मिली सन्नो की।

माँ  'नंबर है बंद'  बताता
फोन मिलाता भाई आया
माँ के चेहरे पर पलभर को
मँडराई दुर्दिन की छाया,
मां समधिन को लगी कोसने
कोई फिक्र न संबंधों की।

पापा के  चेहरे  पर उभरा
बाकी के दहेज का सदमा
बेटी , आँसू  और  बेबसी
हत्या पेशी और  मुकदमा,
चाहे कुछ भी हो लड़ लेंगे
कोई फिक्र नहीं पैसों की। आगे पढ़ें

1 month ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X