सोशल मीडिया: ऐसा प्रेम व्यर्थ नहीं होगा

प्रतीकात्मक तस्वीर।
                
                                                             
                            मैं स्त्री हूँ 
                                                                     
                            
सृष्टि के आरंभ से ही जानती थी 
अकेले होकर भी
प्रेम का उत्सव मनाना हो तो 
इसे कला में ढाल दो

वह मानता था
प्रार्थना और प्रेम 
एक ही सिक्के के दो पहलू हैं,
एक ही क्षण में बीतते-रीतते आगे पढ़ें

1 month ago
Comments
X