शायरी: दर्द कुछ होते हैं ता-उम्र रुलाने वाले 

शायरी: दर्द कुछ होते हैं ता-उम्र रुलाने वाले
                
                                                             
                            वक़्त हर ज़ख़्म का मरहम तो नहीं बन सकता 
                                                                     
                            
दर्द कुछ होते हैं ता-उम्र रुलाने वाले 
- सदा अम्बालवी

जब आ जाती है दुनिया घूम फिर कर अपने मरकज़ पर 
तो वापस लौट कर गुज़रे ज़माने क्यूँ नहीं आते 
- इबरत मछलीशहरी

उन का ज़िक्र उन की तमन्ना उन की याद 
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल 
- शकील बदायुनी आगे पढ़ें

4 weeks ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
X