सैफ़ुद्दीन सैफ़: दिलों को तोड़ने वालो तुम्हें किसी से क्या 

उर्दू अदब
                
                                                             
                            दिलों को तोड़ने वालो तुम्हें किसी से क्या 
                                                                     
                            
मिलो तो आँख चुरा लो तुम्हें किसी से क्या 

हमारी लग़्ज़िश-ए-पा का ख़याल क्यूँ है तुम्हें 
तुम अपनी चाल सँभालो तुम्हें किसी से क्या 

चमक के और बढ़ाओ मिरी सियह-बख़्ती 
किसी के घर के उजालो तुम्हें किसी से क्या 

नज़र बचा के गुज़र जाओ मेरी तुर्बत से 
किसी पे ख़ाक न डालो तुम्हें किसी से क्या  आगे पढ़ें

4 months ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
X