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Majaz Lakhnavi Poetry: मजाज़ लखनवी की ग़ज़लों से चुनिंदा शेर

majaz lakhnavi selected shayari from his famous ghazal
                
                                                                                 
                            


मिरी बर्बादियों का हम-नशीनो
तुम्हें क्या ख़ुद मुझे भी ग़म नहीं है


तेरे जल्वों में घिर गया आख़िर
ज़र्रे को आफ़्ताब होना था 

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2 months ago

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