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Jaun Elia poetry: मुझ से मिल कर उदास भी हो क्या 

उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या: जौन एलिया
                
                                                                                 
                            गाहे गाहे बस अब यही हो क्या 
                                                                                                

तुम से मिल कर बहुत ख़ुशी हो क्या 

मिल रही हो बड़े तपाक के साथ 
मुझ को यकसर भुला चुकी हो क्या 

याद हैं अब भी अपने ख़्वाब तुम्हें 
मुझ से मिल कर उदास भी हो क्या 

बस मुझे यूँही इक ख़याल आया 
सोचती हो तो सोचती हो क्या 

अब मिरी कोई ज़िंदगी ही नहीं 
अब भी तुम मेरी ज़िंदगी हो क्या  आगे पढ़ें

5 months ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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