हाए वो वक़्त-ए-जुदाई के हमारे आँसू: हकीम नासिर

हाए वो वक़्त-ए-जुदाई के हमारे आँसू: हकीम नासिर
                
                                                             
                            हाए वो वक़्त-ए-जुदाई के हमारे आँसू 
                                                                     
                            
गिर के दामन पे बने थे जो सितारे आँसू 

लाल ओ गौहर के ख़ज़ाने हैं ये सारे आँसू 
कोई आँखों से चुरा ले न तुम्हारे आँसू 

उन की आँखों में जो आएँ तो सितारे आँसू 
मेरी आँखों में अगर हूँ तो बिचारे आँसू 

दामन-ए-सब्र भी हाथों से मिरे छूट गया 
अब तो आ पहुँचे हैं पलकों के किनारे आँसू  आगे पढ़ें

1 month ago

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