फ़रहत एहसास: ख़ाक है मेरा बदन ख़ाक ही उस का होगा 

उर्दू अदब
                
                                                             
                            ख़ाक है मेरा बदन ख़ाक ही उस का होगा 
                                                                     
                            
दोनों मिल जाएँ तो क्या ज़ोर का सहरा होगा 

फिर मिरा जिस्म मिरी जाँ से जुदा है देखो 
तुम ने टाँका जो लगाया था वो कच्चा होगा 

तुम को रोने से बहुत साफ़ हुई हैं आँखें 
जो भी अब सामने आएगा वो अच्छा होगा  आगे पढ़ें

1 month ago

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