'फ़ासलों' पर कहे गए शेर

faasla shayari collection
                
                                                             
                            

फ़ासला रख के भी क्या हासिल हुआ
आज भी उस का ही कहलाता हूं मैं
- शारिक़ कैफ़ी 


बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहां दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता
- बशीर बद्र 

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1 month ago

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