दिलों में प्यार जगाने को ईद आई है - मोहम्मद असदुल्लाह

eid mubarak mohammad asdullah nazm on eid
                
                                                             
                            

दिलों में प्यार जगाने को ईद आई है
हंसो कि हंसने हंसाने को ईद आई है

मसर्रतों के ख़ज़ाने दिए ख़ुदा ने हमें
तराने शुक्र के गाने को ईद आई है

महक उठी है फ़ज़ा पैरहन की ख़ुश्बू से
चमन दिलों का खिलाने को ईद आई है

ख़ोशा कि शीर-ओ-शकर हो गए गले मिल कर
ख़ुलूस-ए-दिल ही दिखाने को ईद आई है

उठा दो दोस्तो इस दुश्मनी को महफ़िल से
शिकायतों के भुलाने को ईद आई है

किया था अहद कि ख़ुशियां जहां में बांटेंगे
इसी तलब के निभाने को ईद आई है 

3 months ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
X