बयाबां पर कहे शायरों के अल्फ़ाज़

bayabaan shayari collection
                
                                                             
                            

घर और बयाबाँ में कोई फ़र्क़ नहीं है
लाज़िम है मगर इश्क़ के आदाब में रहना
- अहमद जावेद 


यूँ मैं सीधा गया वहशत में बयाबाँ की तरफ़
हाथ जिस तरह से आता है गरेबाँ की तरफ़
- नज़्म तबातबाई 

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1 month ago

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