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Bashir Badr Poetry: ख़ुदा हम को ऐसी ख़ुदाई न दे  

उर्दू अदब
                
                                                                                 
                            ख़ुदा हम को ऐसी ख़ुदाई न दे 
                                                                                                

कि अपने सिवा कुछ दिखाई न दे 

ख़ता-वार समझेगी दुनिया तुझे 
अब इतनी ज़ियादा सफ़ाई न दे 

हँसो आज इतना कि इस शोर में 
सदा सिसकियों की सुनाई न दे 

ग़ुलामी को बरकत समझने लगें 
असीरों को ऐसी रिहाई न दे 

ख़ुदा ऐसे एहसास का नाम है 
रहे सामने और दिखाई न दे 
2 months ago

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