आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

Bashir Badr Poetry: बड़े ताजिरों की सताई हुई, ये दुनिया दुल्हन है जलाई हुई

उर्दू अदब
                
                                                                                 
                            बड़े ताजिरों की सताई हुई 
                                                                                                

ये दुनिया दुल्हन है जलाई हुई 

भरी दोपहर का खिला फूल है 
पसीने में लड़की नहाई हुई 

किरन फूल की पत्तियों में दबी 
हँसी उस के होंटों पे आई हुई 

वो चेहरा किताबी रहा सामने 
बड़ी ख़ूबसूरत पढ़ाई हुई  आगे पढ़ें

1 month ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X