आँखों से तिरी ज़ुल्फ़ का साया नहीं जाता: अब्दुल हमीद अदम

आँखों से तिरी ज़ुल्फ़ का साया नहीं जाता: अब्दुल हमीद अदम
                
                                                             
                            आँखों से तिरी ज़ुल्फ़ का साया नहीं जाता 
                                                                     
                            
आराम जो देखा है भुलाया नहीं जाता 

अल्लाह-रे नादान जवानी की उमंगें! 
जैसे कोई बाज़ार सजाया नहीं जाता 

आँखों से पिलाते रहो साग़र में न डालो 
अब हम से कोई जाम उठाया नहीं जाता  आगे पढ़ें

2 weeks ago
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