जब से चले हैं घर से मुसलसल सफ़र में हैं: आशुफ़्ता चंगेज़ी

जब से चले हैं घर से मुसलसल सफ़र में हैं: आशुफ़्ता चंगेज़ी
                
                                                             
                            किस की तलाश है हमें किस के असर में हैं 
                                                                     
                            
जब से चले हैं घर से मुसलसल सफ़र में हैं 

सारे तमाशे ख़त्म हुए लोग जा चुके 
इक हम ही रह गए जो फ़रेब-ए-सहर में हैं 

ऐसी तो कोई ख़ास ख़ता भी नहीं हुई 
हाँ ये समझ लिया था कि हम अपने घर में हैं 

अब के बहार देखिए क्या नक़्श छोड़ जाए 
आसार बादलों के न पत्ते शजर में हैं  आगे पढ़ें

4 weeks ago

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