शायरी: किस की आहट सुनता हूँ वीराने में ....

शायरी: किस की आहट सुनता हूँ वीराने में ....
                
                                                             
                            दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है 
                                                                     
                            
किस की आहट सुनता हूँ वीराने में 
- गुलज़ार

जिसे न आने की क़स्में मैं दे के आया हूँ 
उसी के क़दमों की आहट का इंतिज़ार भी है 
- जावेद नसीमी

मैं ने दिन रात ख़ुदा से ये दुआ माँगी थी 
कोई आहट न हो दर पर मिरे जब तू आए 
- बशीर बद्र
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1 month ago

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