किताबों से बाहर निकालो अलिफ़ - आदिल मंसूरी

aadil mansuri ghazal kitabon se baahar nikalo alif
                
                                                             
                            किताबों से बाहर निकालो अलिफ़
                                                                     
                            
बरहना बदन पर चला लो अलिफ़

खुले पर उफ़क़ फड़फड़ा लो अलिफ़
कबूतर के पिंजरे में पालो अलिफ़

हमेशा वफ़ादार ही पाओगे
किसी वक़्त भी आज़मा लो अलिफ़

मिरी जान मौसम बहुत सर्द है
लिहाफ़ों के अन्दर छुपा लो अलिफ़

संवर जायेगी हर्फ़ की अंजुमन
ज़रा आगे-पीछे लगा लो अलिफ़

बदन-मिट्टी ज़रखेज़ है साहिबो
जहां जी में आए लगा लो अलिफ़
1 month ago

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