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आज का शब्द: लालच और कुँवर नारायण की कविता- सहिष्णुता को आचरण दो

आज का शब्द
                
                                                                                 
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- लालच, जिसका अर्थ है- कुछ पाने की बहुत अधिक और अनुचित इच्छा, लोभ। प्रस्तुत है कुँवर नारायण की कविता- सहिष्णुता को आचरण दो
                                                                                                


असहमति को अवसर दो 
सहिष्णुता को आचरण दो 
कि बुद्धि सिर ऊंचा रख सके....
उसे हताश मत करो काइयां तर्कों से हरा-हराकर। 

अविनय को स्थापित मत करो, 
उपेक्षा से खिन्न न हो जाए कहीं 
मनुष्य की साहसिकता। 

अमूल्य थाती है यह सबकी 
इसे स्वर्ग के लालच में छीन लेने का 
किसी को अधिकार नहीं...
आह, तुम नहीं समझते पिता, नहीं समझना चाह रहे, 
कि एक-एक शील पाने के लिए 
कितनी महान आत्माओं ने कितना कष्ट सहा है....

सत्य, जिसे हम सब इतनी आसानी से
अपनी-अपनी तरफ़ मान लेते हैं, सदैव 
विद्रोही सा रहा है । आगे पढ़ें

3 months ago

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