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आज का शब्द: खेतिहर और सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता- कुत्ता भौंकने लगा

आज का शब्द
                
                                                                                 
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- खेतिहर, जिसका अर्थ है- खेती करने वाला, कृषक, किसान। प्रस्तुत है सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता- कुत्ता भौंकने लगा 
                                                                                                


आज ठंडक अधिक है।
बाहर ओले पड़ चुके हैं,
एक हफ़्ता पहले पाला पड़ा था--
अरहर कुल की कुल मर चुकी थी,
हवा हाड़ तक बेध जाती है,
गेहूँ के पेड़ ऐंठे खड़े हैं,
खेतिहरों में जान नहीं,
मन मारे दरवाज़े कौड़े ताप रहे हैं
एक दूसरे से गिरे गले बातें करते हुए,
कुहरा छाया हुआ। आगे पढ़ें

3 months ago

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