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आज का शब्द: दुलारा और हरिवंशराय बच्चन की कविता- देखो, टूट रहा है तारा !

आज का शब्द
                
                                                                                 
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- दुलारा, जिसका अर्थ है- जिसका बहुत दुलार किया गया हो या किया जाता हो, लाड़ला। प्रस्तुत है हरिवंशराय बच्चन की कविता- देखो, टूट रहा है तारा !
                                                                                                


देखो, टूट रहा है तारा!

नभ के सीमाहीन पटल पर
एक चमकती रेखा चलकर
लुप्त शून्य में होती-बुझता एक निशा का दीप दुलारा!
देखो, टूट रहा है तारा!

हुआ न उडुगन में क्रंदन भी,
गिरे न आँसू के दो कण भी
किसके उर में आह उठेगी होगा जब लघु अंत हमारा!
देखो, टूट रहा है तारा! आगे पढ़ें

6 months ago

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